Ashtami Shraddha 2026: पितृ पक्ष चल रहा है और कई लोगों के मन में ये सवाल है कि हमारे पिताजी की मृत्यु तो एकादशी को हुई थी, फिर हम अष्टमी को श्राद्ध क्यों कर रहे हैं? अगर आपके मन में भी यही confusion है तो ये खबर आपके लिए है।
कब है अष्टमी श्राद्ध 2026?
इस साल अष्टमी श्राद्ध 3 अक्टूबर 2026, शनिवार को है। पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि 2 अक्टूबर रात 9:15 से शुरू होकर 3 अक्टूबर रात 8:40 तक रहेगी।
क्या है इसका रहस्य
इसके 2 मुख्य कारण हैं:
अष्टमी पर जिनकी मृत्यु हुई है उनका श्राद्ध:
सबसे सीधा नियम – जिन परिजनों की मृत्यु किसी भी महीने की अष्टमी तिथि को हुई हो, उनका श्राद्ध पितृ पक्ष की अष्टमी को ही किया जाता है।
अष्टमी श्राद्ध का विशेष महत्व:
शास्त्रों में अष्टमी तिथि को बहुत खास माना गया है। मान्यता है कि इस दिन श्राद्ध करने से पितरों को शक्ति मिलती है और अकाल मृत्यु से मुक्ति मिलती है। इसलिए जिन लोगों की मृत्यु किसी अस्त्र-शस्त्र, एक्सीडेंट या अकाल कारण से हुई हो, उनका श्राद्ध भी अष्टमी को करना बहुत शुभ माना जाता है। इसे शस्त्र घात श्राद्ध भी कहते हैं।
तो अगर आपके परिवार में किसी की असामयिक मृत्यु हुई है, तो उनका श्राद्ध आप 3 अक्टूबर को कर सकते हैं, चाहे उनकी मृत्यु की तिथि कुछ भी हो।
अष्टमी श्राद्ध में क्या करें?
इस दिन पितरों के नाम से खीर, पूरी और काले तिल का दान जरूर करें। ब्राह्मण भोजन कराना और गाय को रोटी खिलाना सबसे उत्तम माना जाता है।
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