Wednesday, September 30, 2026

Navratri Kalash Sthapana 2026: कलश स्थापना में भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, 9 दिन का व्रत हो जाएगा बेकार!

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Navratri Kalash Sthapana 2026: शारदीय नवरात्रि 2026 का इंतजार खत्म होने वाला है। इस साल नवरात्रि 11 अक्टूबर 2026, रविवार से शुरू हो रही है और 19 अक्टूबर तक चलेगी। 20 अक्टूबर को विजयादशमी है। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना या कलश स्थापना की जाती है। इसी कलश में 9 दिनों तक माँ दुर्गा का वास होता है। लेकिन पंडितों के अनुसार, कलश स्थापना में की गई एक छोटी सी गलती भी आपके 9 दिन के व्रत को अधूरा कर सकती है।

गलत दिशा में कलश रखना

सबसे बड़ी गलती दिशा की होती है। कलश को हमेशा घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित करें। भूलकर भी दक्षिण दिशा में कलश मत रखें, क्योंकि दक्षिण दिशा पितरों की दिशा मानी जाती है। कलश को सीधे जमीन पर कभी न रखें। नीचे थोड़ी सी मिट्टी की वेदी बनाकर उसमें जौ बोएं और उसी पर कलश रखें।

स्टील या खाली कलश का उपयोग करना

नवरात्रि में स्टील के लोटे में कलश स्थापित करना अशुभ माना जाता है। स्टील का प्रयोग पितृ कार्यों में होता है। देवी पूजा के लिए हमेशा तांबे या मिट्टी का कलश ही सबसे शुभ होता है। और कभी भी खाली कलश स्थापित न करें। कलश में हमेशा जल भरकर उसमें गंगाजल, सुपारी, अक्षत, दूर्वा और एक रुपए का सिक्का जरूर डालें।

कलश पर आम के पत्ते और नारियल गलत लगाना

कलश के मुख पर 5, 7 या 11 आम के पत्ते रखने का विधान है। पत्तों को गोलाकार में रखें। उसके ऊपर नारियल रखें। लेकिन ध्यान दें, नारियल का मुंह हमेशा ऊपर की तरफ होना चाहिए और नारियल का मुख अपनी तरफ होना चाहिए। बहुत लोग नारियल को बिना चुनरी लपेटे रख देते हैं, ये गलत है। नारियल को लाल चुनरी में लपेटकर कलावा से बांधकर ही रखें।

जौ बोने में लापरवाही करना

कलश स्थापना के साथ जवारे यानी जौ बोना सबसे जरूरी होता है। जौ को रेत में नहीं, बल्कि मिट्टी में बोया जाता है। पहले दिन जौ बोने के बाद रोज सुबह थोड़ा-थोड़ा जल छिड़कें। मान्यता है कि अगर जौ तेजी से और हरे-भरे उगते हैं तो माता रानी की कृपा बनी रहती है और आने वाला साल सुख-समृद्धि वाला होता है। अगर जौ नहीं उगते या पीले पड़ जाते हैं तो इसे अशुभ संकेत माना जाता है।

9 दिनों तक कलश का पानी बदलना

ये सबसे आम गलती है जो हर दूसरे घर में होती है। कलश का पानी 9 दिनों तक नहीं बदला जाता। अगर गर्मी से पानी थोड़ा कम हो जाए तो आप ऊपर से थोड़ा सा गंगाजल और डाल सकते हैं, लेकिन पूरा पानी कभी न बदलें। साथ ही इन 9 दिनों में कलश को हिलाएं नहीं और उसके आस-पास जूते-चप्पल लेकर न जाएं।

नवरात्रि 2026 कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार इस साल घटस्थापना के लिए दो सबसे शुभ मुहूर्त हैं:

  • सुबह का मुहूर्त: 11 अक्टूबर को सुबह 06:20 से 10:25 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:44 से 12:30 बजे तक

कोशिश करें कि इसी समय में कलश स्थापित कर लें।

निष्कर्ष

कलश को माता के दरबार का प्रतीक माना जाता है। इसलिए इसे पूरे नियम और श्रद्धा के साथ स्थापित करें। अगर आप इन 5 गलतियों से बच गए तो आपके 9 दिनों के व्रत का पूरा फल मिलेगा और माँ दुर्गा की कृपा आपके घर पर बनी रहेगी।

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