India and the United Kingdom: नई दिल्ली। भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement-FTA) आगामी 15 जुलाई 2026 से प्रभावी होने जा रहा है। दोनों देशों के बीच हुए इस ऐतिहासिक समझौते को व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
समझौते के तहत यूके चरणबद्ध तरीके से भारत के लगभग 99 प्रतिशत उत्पादों पर आयात शुल्क समाप्त करेगा। इससे भारतीय निर्यातकों को ब्रिटिश बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी अवसर मिलेंगे और वस्त्र, चमड़ा, खाद्य प्रसंस्करण, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग तथा रत्न-आभूषण जैसे क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है।
वहीं भारत भी यूके के लगभग 91 प्रतिशत उत्पादों पर आयात शुल्क में रियायत देगा। इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने और निवेश के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
स्कॉच व्हिस्की होगी सस्ती
समझौते का एक बड़ा प्रभाव स्कॉच व्हिस्की के बाजार पर भी देखने को मिलेगा। वर्तमान में स्कॉच व्हिस्की पर भारत में 150 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया जाता है, जिसे चरणबद्ध तरीके से घटाकर 40 प्रतिशत तक लाने का प्रावधान किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारतीय बाजार में स्कॉच व्हिस्की की कीमतों में कमी आ सकती है और उपभोक्ताओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों के अनुसार यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने के साथ-साथ रोजगार सृजन, तकनीकी सहयोग और विदेशी निवेश को भी बढ़ावा देगा। भारतीय उद्योगों को ब्रिटेन के बड़े बाजार तक आसान पहुंच मिलेगी, जबकि ब्रिटिश कंपनियों के लिए भारत में निवेश के अवसर और अधिक आकर्षक बनेंगे।
केंद्र सरकार का कहना है कि यह समझौता भारत को वैश्विक व्यापारिक नेटवर्क में और मजबूत बनाएगा तथा विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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