Wednesday, June 3, 2026

Chandreshwar Mahadev Temple: चंद्रेश्वर महादेव मंदिर का बुरा हाल, परिसर में गंदे पानी से उठते सवाल

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Chandreshwar Mahadev Temple: कामां डीग राजस्थान में धार्मिक स्थल ऐसे स्थल है जो समाज में आस्था और श्रद्धा का केंद्र माना जाता है। लेकिन जब इन स्थानों पर गंदगी दिखाई देने लगे तो आस्था के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े हो जाते है। ये सवाल कहीं न कहीं लोगों की भवनाओं को भी काफी प्रभावित करते है। ये बात हम इस लिए कह रहे है क्योंकि डीग जिले के कामां कस्बे में स्थित प्रचीन Chandreshwar Mahadev Temple का यही हाल है जहां लंबे समय से जलभराव और गंदे नालों के पानी की समस्या बनी हुई है, जिस कारण से भक्तों को और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

श्रद्धालुओं को करना पड़ता है कठिनाईयों का सामना

वहां के स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर परिसर में और उसके आसपास के क्षेत्र में कई वर्षों से गंदे नालों का पानी जमा रहता है। इतना ही नहीं बरसात के दिनों में हाल बत्र हो जाते है। तो वहीं सामान्य दिनों मे भी जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण गंदा पानी लंबे समय तक जमा रहता है। बता दें कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जिसके साथ धार्मिक वातावरण भी प्रभावित होता है।

Chandreshwar Mahadev Temple क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगरपालिका प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष इस समस्या को उठाया, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। जलभराव के कारण दुर्गंध फैलती है । मंदिर परिसर के आसपास रहने वाले लोगों का जीवन भी दुर्गध के कारण प्रभावित हो रहा है।

मिली जानकारी के मुताबिक, जलभराव की समस्या केवल मंदिर परिसर तक ही सीमित नही है, बल्कि मंदिर के आसपास स्थित कई कॉलोनियों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई गलियों में नालियों का पानी जमा रहने से लोगों को आने जाने में परेशानी होती है। आम जनता को बेहद कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गंदगी के कारण कई बिमारियों और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका भी बनी रहती है। जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे उत्पन्न हो सकते हैं।

जलभराव की समस्या को प्रथमिकता क्यो नहीं दी जा रही

क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि विकास कार्यों के लिए कई परियोजनाओं के लिए बजट स्वीकृत किए जाते है। लेकिन गंदे पानी के निकास के लिए और मंदिर परिसर की सफाई के लिए किसी भी तरह का अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहीं अगर समय रहते प्रभावी योजना को चलाकर समस्या पर ध्यान दिया जाए तो सभंवता:सुधार हो सकता हैं।

लोगों का कहना ये भी है कि विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए लगातार योजनाएं बनाई जा रही हो तो Chandreshwar Mahadev Temple परिसर और आसपास के इलाके और कॉलोनियो में जलभराव की समस्या को प्रथमिकता क्यो नहीं दी जा रही है। जनता कहा है कि क्षेत्र के विधायक और प्रशासनिक अधिकारी समय-समय पर जनता के बीच पहुंचते हैं, लेकिन इतने बड़े मुद्धे पर किसी भी तरह की गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है और नहीं किसी तरह के ठोस कदम उठाए जा रहे है।

लोगों में नगरपालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी साफ तौर पर देखी जा सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतें दर्ज कराने और कई बार समस्या से अवगत कराने के बावजूद कोई प्रभावी और ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते किसी भी तरह की ठोस कार्यवाही की जाती तो इतनी गंभीर समस्या नहीं बनती ।

क्या कहते है विशेषज्ञ

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी नगर क्षेत्र में जल निकासी व्यव्स्था का मजबूत होना बेहद आवश्यक है ।अगर नालियों की नियमित सफाई, जल निकासी मार्गों का रखरखाव और आवश्यक निर्माण कार्य समय पर होते रहे को जलभराव की समस्या उत्पन्न ही नहीं होगी। साथ ही धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाने की बेहद आवश्यकता भी होती है।

क्षेत्रीय लोगों की प्रशासन से मांग की है कि Chandreshwar Mahadev Temple परिसर और आसपास के क्षेत्रों में स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकासित की जाए। इसके साथ हा नियमित सफाई और जलभराव वाले स्थानों का सर्वे कर आवश्यक निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू किए जांए। लोगों का कहना है कि समस्या कि समाधान केवल अस्थायी उपायों से नहीं बल्कि दीर्घकालिक योजना बनाकर ही किया जा सकता है।

फिलहाल वर्तमान स्थिति को देखते हुए क्षेत्र के लोगों की उम्मीदें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जुड़ी हुई हैं। लोगों का कहना है कि जलभराव के संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी गंभीरता से इस मुद्दे पर ध्यान दें तो वर्षोंं पुरानी समस्या का समाधान निकाला जा सकता है। इससे Chandreshwar Mahadev Temple की गरिमा बनी रहेगी आसपास रहने वाले हजारों लोगों को भी आराम मिलेगा।

देखने वाली बात ये होगी कि स्थानीय प्रशासन और नगरपालिका और जनप्रतिनिधि इस समस्या को कितनी गंभीरता लेते और कबतक चंद्रेश्वर महादेव मंदिर एवं आसपास के क्षेत्रों को जलभराव की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए कौन से ठोस कदम उठाए जाते हैं। स्थानीय नागरिकों की मांग ये भी है कि धार्मिक आस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण स्थल की उपेक्ष कब बंद हो और जल्द से जल्द से कोई प्रभावी कार्य सुनिश्चित किए जाए।

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