Friday, June 19, 2026

Kanpur: केंद्रीय रक्षा प्रतिष्ठानों में संविदा श्रमिकों के शोषण के खिलाफ भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) का देशव्यापी आंदोलन

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Kanpur: भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) से सम्बद्ध यूनियनों द्वारा देश के विभिन्न विभागों और विशेषकर रक्षा प्रतिष्ठानों में संविदा (ठेका) श्रमिकों की गंभीर समस्याओं को लेकर एक व्यापक आंदोलन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के राष्ट्रीय अधिवेशन में पास किए गए प्रस्ताव के आलोक में, संघ के मीडिया प्रभारी श्री शिवेन्द्र सागर शर्मा ने आज एक महत्वपूर्ण प्रेस विज्ञप्ति जारी की।

इस आंदोलन के तहत उपश्रमायुक्त (केन्द्रीय), कानपुर के माध्यम से भारत सरकार को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा जा रहा है, जिसमें केंद्रीय सरकारी और रक्षा प्रतिष्ठानों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति, तैनाती, कल्याण एवं संरक्षण हेतु एक व्यापक और एकरूप राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग की गई है।

संघ के कार्यकारी अध्यक्ष श्री मुकेश सिंह ने स्पष्ट किया है कि ‘संविदा श्रम (विनियमन एवं उन्मूलन) अधिनियम, 1970’ की मूल भावना का लगातार उल्लंघन हो रहा है।

  • स्थायी प्रकृति के कार्यों में ठेकेदारी: जो कार्य निरंतर, आवश्यक और प्रतिष्ठान के अभिन्न अंग हैं, वहां भी नियमित कर्मचारियों के स्थान पर अंधाधुंध संविदा कर्मचारियों को लगाया जा रहा है।
  • त्रिकोणीय संबंध का नुकसान: प्रधान नियोक्ता, ठेकेदार और कर्मचारी के त्रिकोणीय जाल के कारण कोई भी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं होता, जिससे शिकायत निवारण तंत्र पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है।
  • कर्मचारियों का शोषण: संविदा कर्मचारियों को रोजगार की असुरक्षा, कम वेतन, सामाजिक सुरक्षा (PF, ESI) में कटौती, वेतन में विलंब और निजी ठेकेदारों के अनुचित व्यवहार व उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।

हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मॉडल को अपनाने की मांग

भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ ने विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा उठाए गए सुधारात्मक कदमों का हवाला देते हुए केंद्र सरकार से रक्षा प्रतिष्ठानों में भी इसे लागू करने की मांग की है:

  1. हरियाणा मॉडल: हरियाणा सरकार द्वारा लागू की गई “Deployment of Contractual Persons Policy, 2022”, Haryana Kaushal Rozgar Nigam (HKRN) की स्थापना और “हरियाणा संविदा कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम 2024”।
  2. उत्तर प्रदेश मॉडल: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में (02.01.2026 से) गठित UPCOS (Uttar Pradesh Outsource Service Corporation)

इसके साथ श्री अनिल उपाध्याय – महामंत्री भारतीय मजदूर संघ उत्तर प्रदेश ने यह मांग है कि उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में स्थित सभी केंद्रीय रक्षा प्रतिष्ठानों में निजी ठेकेदारों को हटाकर, सरकार नियंत्रित एजेंसी या UPCOS जैसे निगम के माध्यम से ही संविदा व आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए।

सरकारी निगम के माध्यम से भर्ती से होने वाले लाभ:

  • निजी बिचौलियों/ठेकेदारों के माध्यम से होने वाले शोषण का पूर्ण अंत।
  • नियुक्ति प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता।
  • वेतन और वैधानिक सामाजिक सुरक्षा लाभों का समय पर सीधा भुगतान।
  • प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र की उपलब्धता।
  • औद्योगिक सौहार्द और कर्मचारियों के मनोबल में वृद्धि।

भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ और भारतीय मजदूर संघ (BMS) का यह दृढ़ मत है कि इस व्यवस्था को लागू करने से संविदा कर्मचारियों को गरिमा, सुरक्षा और उनके वैधानिक अधिकार मिल सकेंगे। यह कदम सामाजिक न्याय और कर्मचारी कल्याण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित होगा। यदि सरकार ने इन मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया, तो संगठन इस आंदोलन को और बड़े स्तर पर करने के लिए बाध्य होगा।

इस कार्यक्रम में ज्ञापन देने में श्री साधु सिंह – महामंत्री REWA,श्री योगेंद्र सिंह चौहान – संयुक्त सचिव,श्री इंद्रजीत सिंह -ऑडिटर, पुनीत चन्द गुप्ता- कोषाध्यक्ष, श्री तनवीर अहमद – कार्यालय मंत्री, आशीष कुमार सिंह – जेसीएम -III सदस्य, श्री राम शंकर विश्वकर्मा – नगर संयोजक और केन्द्रीय कार्यकारणी सदस्य में श्री पीयूष परिहार ,श्रीमती सुधा रानी, श्रीं अमरेन्द्र मोहन, श्री सुधीर त्रिपाठी, श्री जय यादव, एवं कानपुर में स्थित रक्षा संस्थानों के अध्यक्ष, महामंत्री एवं सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।।

भवदीय,
(शिवेन्द्र सागर शर्मा)
मीडिया प्रभारी
भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS)
मोबाइल नंबर: 9026457897

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