Lucknow news: लखनऊ में इंद्रदेव सिंह हत्याकांड में कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषसिद्ध कर जेल भेजा।
इंद्रदेव सिंह हत्याकांड में सजा के बिंदु पर 7 जुलाई को होगी सुनवाई।
8 अगस्त 2002 को हुई थी अधिवक्ता इंद्रदेव सिंह की हत्या।
कैसरबाग टेलीफोन एक्सचेंज के पीछे हुई थी इंद्रदेव सिंह की हत्या।
सीबीआई कोर्ट ने विक्रम यादव उर्फ कालिया को दोषी ठहराया।
पन्ना सिंह और बृजेश यादव उर्फ मुन्ना भी दोषी करार।
हत्या मामले में IPC की धारा 302/120B के तहत दोषसिद्धि।
सीबीआई ने वर्ष 2004 में अदालत में दाखिल की थी चार्जशीट।
वर्ष 2004 में ही आरोपियों के खिलाफ तय हुए थे आरोप।
लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने सुनाया दोषसिद्धि का फैसला।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान तीन अभियुक्तों की हो चुकी है मृत्यु।
इंद्रदेव सिंह की पत्नी नयनतारा सिंह ने दर्ज कराया था मुकदमा।
विक्रम यादव उर्फ कालिया पर कनपटी पर गोली मारने का आरोप सिद्ध।
नोएडा पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, इंद्रदेव सिंह की पुत्री हैं।
भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह, इंद्रदेव सिंह के दामाद हैं।
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