Ayodhya: श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास जी महाराज के जन्मोत्सव पर आयोजित श्रीरामकथा में अयोध्या प्रकरण का एकमात्र समाधान सामने आया है। हनुमत निवास के पीठाधीश्वर और रामानंद संप्रदाय के गौरव, आचार्य पूज्य मिथिलेशनंदिनी शरण जी महाराज ने व्यासपीठ से ट्रस्ट में नौकरशाही के बढ़ते दखल पर कड़ा ऐतराज जताया है।
महाराज श्री ने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रभु राम ने भी लंका और किष्किंधा जीतकर वहां उपनिवेश नहीं बनाया, बल्कि स्थानीय राजाओं को ही कमान सौंपी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की कि ट्रस्ट का पुनर्गठन कर इसकी व्यवस्था संतों और समाज के प्रामाणिक लोगों को सौंपी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि मंदिर को केवल ‘टर्नओवर का सेटअप’ या सरकारी अधिष्ठान न बनाया जाए, इसे आस्था का केंद्र ही रहने दिया जाए।
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