Banarsh news: बनारस में दर्ज हुई FIR को लेकर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने तीखा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में मणिकर्णिका घाट को तहस-नहस किया गया, मंदिरों को तोड़ा गया और काशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार कराने वाली माता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा तक क्षतिग्रस्त कर दी गई, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय उनके खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई।
संजय सिंह ने कहा कि इस मुद्दे पर काशी के साधु-संतों ने विरोध किया, अहिल्याबाई होलकर जी के परिवार ने भी आपत्ति जताई और यहां तक कि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भी इस पर विरोध दर्ज कराया। इसके बावजूद प्रशासन ने असली दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “जो लोग मंदिरों को तोड़ रहे हैं, घाटों को उजाड़ रहे हैं, उन पापियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन सरकार उन्हें बचा रही है और आवाज उठाने वालों को डराने की कोशिश कर रही है।”
संजय सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि वह डरने वाले नहीं हैं। “मैं सच बोलता रहूंगा, चाहे कितनी भी FIR कर लो। मंदिरों और आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आवाज उठाना मेरा कर्तव्य है।”
इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। एक ओर सत्ता पक्ष चुप्पी साधे हुए है, वहीं विपक्ष इसे आस्था, विरासत और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर सरकार पर सवाल खड़े कर रहा है।
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