Thursday, March 12, 2026

Kanpur,UP: कर्म, ज्ञान एंव भक्ति योग का संगम है, श्रीमद्भगवत् गीताः

Share

Kanpur, UP: September 2025: कुरुक्षेत्र के मैदान में जब अर्जुन अपने अनुजों की ओर निहार रहे थे कि इन सभी अपनों से मैं कैसे युद्ध कर सकता हूं कैसे अपने भ्राताओं पर शस्त्रों से प्रहार करुँगा। इन सब बातों को सोच कर जब अर्जुन मोह में वशीभूत होने लगे तब श्री कृष्ण ने उन्हें धर्म का पालन करने के लिये श्रीमद्भगवत् गीता का उपदेश दिया था। भगवद् गीता की रचना प्राचीन ऋषि महर्षि वेदव्यास ने की थी इसमें 18 अध्याय और 700 श्लोक वर्णित है

“सच्चिदानन्दरुपाय, विश्वोत्पत्त्यादिहेतवे। तापत्रय विनाशाय श्री कृष्णाय वयो नमः ।। यह श्लोक श्री कृष्ण को संपूर्ण सृष्टि की उत्पत्ति एंव समस्त तापों के विनाशक के रुप में नमन करता है। श्रीमद्भगवत् गीता आत्मा- परमात्मा, कर्म, ज्ञान और भक्ति समेत जीवन के सार को व्यक्ति के अर्न्तमन में समाहित करती है जिससे व्यक्ति को धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।

श्री कृष्ण ने अर्जुन को भक्तियोग और कर्मयोग ज्ञान योग पर दिये उपदेशः

श्री कृष्ण ने अर्जुन को कुरुक्षेत्र के युदॄ मैदान ज्ञान योग, भक्तियोग और कर्मयोग पर आधारित उपदेश दिये थे। कर्मयोग में यह बताया कि कर्म करो फल की चिंता मत करों वही सच्चा कर्म  है। आत्मा का परमात्मा को जानने बाद जिस ज्ञान की प्राप्ति होती है वह ज्ञान योग कहलाता है। भक्ति योग व्यक्ति का ईश्वर के प्रति अटूट प्रेम को दर्शाता है। श्रीमद्भगवत् गीता में सृष्टि की उत्पत्ति, जीवन का विकास, धर्म, कर्म, राजनीति, मोक्ष जीवन के समस्त पहलुओं को समझने के मार्गदर्शिका है। जो व्यक्ति को सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। श्रीमद्भगवत् गीता के श्लोकों को श्री कृष्ण का स्मरण करते हुये ध्यान योग में पढ़कर और सुनकर आत्मसात् करना चाहिये। इससे व्यक्ति अपने जीवन में सकरात्मक बदलाव अनुभव करने लगता है।

जे.के. मंदिर में महाआरती का आयोजनः

कानपुर नगर के प्रख्यात जे.के. मंदिर में 13 सितम्बर अश्विन माह की षष्ठी तिथि दिन शनिवार को मंदिर प्रांगण में महाआरती का आयोजन किया गया।

पितृ पक्ष श्रादॄ की सप्तमी तिथि को ध्यान में रखते हुये 14 से 20 सितम्बर तक मंदिर प्रांगण में कलश यात्रा एंव कथा वाचक आचार्य डॉ0 सर्वेश द्विवेदी द्वारा पितरों को समर्पित में श्रीमद्भगवत् गीता का पाठ किया जा रहा है जिसमें भारी संख्या में भक्तगण अपनी उपस्थिति दर्ज करा कर श्रीमद्भगवत् गीता के उपदेशो को अपने जीवन में समाहित कर बदलाव की अनुभूति कर सकते है।  

ये भी पढ़ें- Web series and movies: वीकेंड बोरिंग? देखो ये 5 धमाकेदार OTT रिलीज़!

Preeti Rathore
Preeti Rathore
मैंने सी.एस.जे.एम. वि.वि. से MJMC, LLb, B.Ed, M.Sc (Zoology), M.A (Hindi, Economics, Political Science), "O" Level, CCC Computer Course एंव राजर्षि टण्डन वि.वि.से PGDMM की डिग्री प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त हिन्दुस्तान प्रेस, K.TV, में ट्रेनी पत्रकार एंव डिग्री कॉलेज और एनजीओ मे पत्रकारिता शिक्षक के रुप में कार्य किया है।

और खबरें

ताजा खबर