Choti Diwali 2026: दिवाली 2026 इस बार 8 नवंबर, रविवार को है। लेकिन उससे 1 दिन पहले 7 नवंबर को छोटी दिवाली है। बहुत लोग छोटी और बड़ी दिवाली को एक ही समझते हैं, जबकि दोनों का महत्व बिलकुल अलग है। आज आपका कन्फ्यूजन खत्म करते हैं।
छोटी दिवाली क्या है?
छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी या काली चौदस भी कहते हैं।
पौराणिक कथा: इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर राक्षस का वध किया था। इसलिए इसे बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाते हैं। इस दिन सुबह तेल लगाकर स्नान करने की परंपरा है, जिसे अभ्यंग स्नान कहते हैं। इस दिन यम के नाम का दिया जलाया जाता है ताकि अकाल मृत्यु का भय दूर हो।
बड़ी दिवाली क्या है?
बड़ी दिवाली को ही मुख्य दिवाली या लक्ष्मी पूजा कहा जाता है।
पौराणिक कथा: इस दिन भगवान राम 14 साल के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे। उनके स्वागत में अयोध्या वासियों ने दीये जलाए थे। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा होती है धन और सुख के लिए।
मुख्य अंतर एक नजर में
- पूजा: छोटी दिवाली पर हनुमान जी और यम देव की पूजा, बड़ी दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की।
- दिया: छोटी दिवाली पर घर के बाहर यम का दिया, बड़ी दिवाली पर घर के अंदर 11-21 दीये।
- महत्व: छोटी दिवाली – पापों से मुक्ति, बड़ी दिवाली – धन और समृद्धि।
कन्क्लूजन
इसलिए छोटी दिवाली बुराई को जलाने का दिन है, और बड़ी दिवाली अच्छाई को घर बुलाने का दिन। दोनों ही दिवाली का हिस्सा हैं, एक के बिना दूसरी अधूरी है।
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