UP Panchayat Elections: लखनऊ में उत्तर प्रदेश में Panchayat Elections से पहले जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों को लेकर बड़ी प्रशासनिक तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार अब ग्राम प्रधानों की तर्ज पर जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों को भी कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त करने पर विचार कर रही है। इस संबंध में पंचायती राज विभाग ने प्रस्ताव शासन को भेज दिया है, जिस पर मंथन जारी है।
सूत्रों के अनुसार यदि शासन स्तर से प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो Panchayat Elections संपन्न होने तक वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख प्रशासक के रूप में अपने दायित्व निभाते रहेंगे। इससे पंचायतों के प्रशासनिक कार्यों में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आएगा।
मॉडल को जिला पंचायतों और क्षेत्र पंचायतों पर लागू करने की तैयारी
गौरतलब है कि प्रदेश के 57,694 ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो चुका है। कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही राज्य सरकार ने सभी ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने का आदेश जारी कर दिया था। अब इसी मॉडल को जिला पंचायतों और क्षेत्र पंचायतों पर लागू करने की तैयारी की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक प्रदेश के जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल 11 जुलाई 2026 को समाप्त हो रहा है, जबकि ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल 19 जुलाई 2026 को पूरा होगा। इसे देखते हुए ब्लॉक प्रमुख संघ ने भी कार्यकाल समाप्ति के बाद प्रशासक बनाए जाने की मांग सरकार के सामने रखी थी। इसके बाद पंचायती राज निदेशालय ने विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर विभाग को भेज दिया।
सूत्र बताते हैं कि पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अधिकारियों को नियमों और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए हैं। विभाग इस बात का अध्ययन कर रहा है कि वर्तमान कानूनों के तहत इस व्यवस्था को किस प्रकार लागू किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले ग्राम प्रधानों ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड की तर्ज पर प्रशासक बनाए जाने की मांग की थी, जिसे राज्य सरकार ने स्वीकार कर लिया था। अब जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों को भी इसी तरह का लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।
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