IRITM: भारतीय रेल परिवहन प्रबंधन संस्थान, लखनऊ द्वारा “स्टील सप्लाई चेन और भारतीय रेल” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों तथा रेलवे अधिकारियों ने भाग लिया और स्टील क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स दक्षता तथा नीतिगत ढांचे को सुदृढ़ करने पर विचार-विमर्श किया।
संगोष्ठी का उद्घाटन संस्थान के महानिदेशक श्री रंजन प्रकाश ठाकुर के द्वारा किया गया। उन्होंने अपने स्वागत संबोधन में अतिथियों एवं प्रतिभागियों का अभिनंदन करते हुए देश के अवसंरचना विकास में एकीकृत लॉजिस्टिक्स एवं कुशल आपूर्ति श्रृंखला की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
तकनीकी नवाचार के महत्व को भी रेखांकित किया
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री प्रभास दनसाना, महानिदेशक, अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन – आरडीएसओ ने उद्योग हितधारकों एवं भारतीय रेल के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि स्टील लॉजिस्टिक्स से जुड़ी उभरती चुनौतियों का प्रभावी समाधान किया जा सके। उन्होंने सतत विकास के लिए नीतिगत समन्वय, परिचालन दक्षता तथा तकनीकी नवाचार के महत्व को भी रेखांकित किया।
रेलवे बोर्ड, ज़ोनल रेलवे, अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO) तथा भारतीय रेल परिवहन प्रबंधन संस्थान (IRITM) के वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों ने भी लॉजिस्टिक्स ढांचे को सुदृढ़ बनाने और इस्पात परिवहन में आने वाली परिचालन संबंधी चुनौतियों के समाधान पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर इस्पात उद्योग के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया, जिन्होंने अपने व्यावहारिक अनुभवों और विविध दृष्टिकोणों से चर्चा को और समृद्ध किया।
ज्ञान-साझाकरण एवं नीतिगत नवाचार को बढ़ावा
संगोष्ठी के अंतर्गत कई तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें स्टील सप्लाई चेन के विभिन्न आयामों—अपस्ट्रीम एवं डाउनस्ट्रीम लॉजिस्टिक्स तथा रोलिंग स्टॉक, मूल्य निर्धारण और टर्मिनल संचालन से संबंधित नीतिगत मुद्दों पर उद्योग के दृष्टिकोण पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने समन्वय को बेहतर बनाने, माल परिवहन को अनुकूलित करने तथा दक्षता बढ़ाने के लिए नवाचार के उपयोग पर सार्थक विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम का समापन प्रमुख निष्कर्षों के सार प्रस्तुतिकरण एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें भारतीय रेल एवं उद्योग जगत द्वारा एक सुदृढ़ एवं कुशल स्टील सप्लाई चेन तंत्र के निर्माण हेतु सामूहिक रूप से कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
यह संगोष्ठी परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में संवाद, ज्ञान-साझाकरण एवं नीतिगत नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में भारतीय रेल परिवहन प्रबंधन संस्थान, लखनऊ का एक और महत्वपूर्ण कदम है।
ये भी पढ़ें- UP Tourism Development: 570 नई परियोजनाओं को मिली हरी झंडी, 687 करोड़ रुपये जारी
