up news: जीवन प्रमाण पत्र के नाम पर साइबर ठगों की बड़ी वारदात
जिले में जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) के नाम पर साइबर ठगी लगातार बढ़ती जा रही है। एक सप्ताह के भीतर दूसरा बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें साइबर ठगों ने एक सेवानिवृत दरोगा के बैंक खाते से 14.91 लाख रुपये उड़ा दिए। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैसे हुई ठगी?
सिकंदराबाद क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़ित, जो दिल्ली पुलिस से दरोगा के पद से सेवानिवृत्त हैं, का खाता पंजाब नेशनल बैंक, सनौटा शाखा में है।
29 नवंबर को पीड़ित के फोन पर एक कॉल आई, जिसमें कॉलकर्ता ने खुद को बैंक कर्मचारी बताया और कहा कि उनकी पेंशन से जुड़े जीवन प्रमाण पत्र का सत्यापन करना है।
पीड़ित बैंक जाकर सभी कागजात जमा करके लौट आए। लेकिन उसी दिन दोबारा उनके मोबाइल पर एक कॉल आई—
पहले साधारण कॉल और फिर उसी नंबर से व्हाट्सऐप कॉल।
कॉलकर्ता ने खुद को बैंक कर्मचारी बताया और सत्यापन के नाम पर महत्वपूर्ण बैंक जानकारी ले ली।
48 घंटे में खाते से उड़ गए लाखों रुपये
पीड़ित के अनुसार —
30 नवंबर: दो ट्रांजैक्शन में 10 लाख रुपये
1 दिसंबर: 3 लाख रुपये
इसके बाद—
दूसरे खातों से जुड़े लेन-देन में
1 दिसंबर को 1,44,999 रुपये
3 दिसंबर को 47,000 रुपये
कुल मिलाकर 14,91,999 रुपये ठगों द्वारा निकाल लिए गए।
पीड़ित ने 4 और 5 दिसंबर को साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद थाना साइबर क्राइम ने मामला दर्ज किया। थाना प्रभारी के अनुसार, साइबर टीम की मदद से जांच तेज कर दी गई है।
पहले भी हुआ था इसी तरह का मामला
दिसंबर की शुरुआत में ही नगर क्षेत्र के एक वृद्ध को जीवन प्रमाण पत्र के नवीनीकरण के नाम पर ठगों ने कुछ नंबर दबवाने को कहा और उनके खाते से 8 लाख रुपये उड़ा लिए थे।
क्यों बन रहे हैं रिटायर्ड लोग आसान निशाना?
पेंशनधारकों के लिए जीवन प्रमाण पत्र हर वर्ष आवश्यक होता है।
ठग इसी आवश्यकता को बहाना बनाकर कॉल करते हैं और खुद को बैंक अधिकारी बताकर संवेदनशील जानकारी हासिल कर लेते हैं।
साइबर एक्सपर्ट जय प्रकाश सिंह की महत्वपूर्ण चेतावनी
साइबर एक्सपर्ट जय प्रकाश सिंह ने कहा:
“आजकल साइबर ठगों के पास आपके डेटा तक पहुँचने के कई तरीके हैं।
आप कोई भी सरकारी योजना,
पेंशन,
जीवन प्रमाण पत्र,
जाति/निवास/आय प्रमाण पत्र,
स्कॉलरशिप,
या किसी भी अन्य सेवाओं के लिए आवेदन करते हैं—
ठग उसी डेटा को आधार बनाकर आपको कॉल करते हैं और अपने जाल में फंसा लेते हैं।”
उन्होंने यह भी चेतावनी दी:
“भले ही आपने आज ही आवेदन भरा हो,
4 घंटे के भीतर भी यदि सत्यापन के नाम पर कॉल आ जाए — तुरंत सतर्क हो जाइए।
असली बैंक या सरकारी विभाग कभी भी फोन/व्हाट्सऐप पर निजी जानकारी नहीं मांगते।”
जनता के लिए जरूरी सलाह
किसी भी कॉल पर बैंक/ATM/OTP की जानकारी न दें।
व्हाट्सऐप कॉल पर आने वाले “सत्यापन” कॉल 100% ठगी होते हैं।
जीवन प्रमाण पत्र से जुड़ी सभी कार्यवाही सीधे बैंक/CSC से ही करें।
किसी भी संदिग्ध कॉल की शिकायत तुरंत करें —
✔ www.cybercrime.gov.in
✔ राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन – 1930
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