UP News: इलाहाबाद हाई कोर्ट लखनऊ खंडपीठ ने ट्रायल कोर्ट का आदेश किया निरस्त।
वर्ष 2012 के रुदौली मूर्ति विसर्जन उपद्रव मामले में मिली राहत।
हाई कोर्ट ने अभियोजन वापसी को दी मंजूरी, मुकदमा खत्म करने का रास्ता साफ।
न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने सुनाया अहम फैसला।
रामचंद्र यादव की धारा 482 याचिका पर हाई कोर्ट ने की सुनवाई।
राज्य सरकार की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर भी साथ में हुई सुनवाई।
16 दिसंबर 2022 के ट्रायल कोर्ट आदेश को हाई कोर्ट ने किया रद्द।
24 अक्टूबर 2012 को रुदौली में मूर्ति विसर्जन के दौरान हुआ था उपद्रव।
भीड़ के पथराव और पुलिस पर हमले में कई पुलिसकर्मी हुए थे घायल।
प्राथमिकी में विधायक रामचंद्र यादव पर भीड़ उकसाने का लगा था आरोप।
राज्य सरकार ने 2020 में मुकदमा वापस लेने का लिया था फैसला।
सत्र अदालत ने पहले अभियोजन वापसी आवेदन कर दिया था खारिज।
हाई कोर्ट ने कहा- लोक अभियोजक ने स्वतंत्र रूप से लिया निर्णय।
अदालत बोली- अभियोजन वापसी न्यायहित और लोकहित में स्वीकार्य।
हाई कोर्ट ने कहा- आरोप मुख्य रूप से सह-अभियुक्तों के बयानों पर आधारित।
रुदौली उपद्रव मामले में भाजपा विधायक रामचंद्र यादव को बड़ी कानूनी राहत।
ये भी पढ़ें– Lucknow: यूपी में बढ़ीं कारोबारी गतिविधियां, अप्रैल में सरकार को मिला 2416 करोड़ ज्यादा राजस्व
