Friday, September 18, 2026

Radha Ashtami 2026: ये 5 गलतियां करने से रूठ जाती हैं राधारानी, बरसाना के पंडित ने दी चेतावनी

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Radha Ashtami 2026: 19 सितंबर 2026 को राधा अष्टमी है। मथुरा-बरसाना में इसकी तैयारी शुरू हो गई है। राधा रानी प्रेम और भक्ति की देवी हैं, इसलिए इस दिन की गई छोटी सी गलती भी आपके व्रत और पूजा का फल खत्म कर सकती है। बरसाना के पंडितों और कथावाचकों ने बताया कि इस दिन कुछ कामों से बचना बहुत जरूरी है।

काले या गंदे कपड़े पहनने की गलती

राधा अष्टमी पर काला रंग भूलकर भी न पहनें। काला रंग नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लाल, पीला, गुलाबी या सफेद रंग के साफ कपड़े पहनें। पूजा बिना स्नान किए और गंदे कपड़ों में करने से राधा रानी नाराज होती हैं।

लहसुन-प्याज और तामसिक भोजन

जैसे जन्माष्टमी पर सात्विक भोजन किया जाता है, वैसे ही राधा अष्टमी पर भी व्रत रखने वाले और घर के सभी लोगों को लहसुन, प्याज, मांस-मदिरा और मसूर की दाल से दूर रहना चाहिए। इस दिन अन्न का त्याग कर फलाहार करना सबसे उत्तम माना जाता है।

झूठ बोलना, कलह करना और अपशब्द कहना

राधा रानी प्रेम की प्रतीक हैं। इस दिन घर में लड़ाई-झगड़ा, पति-पत्नी में कलह, किसी को गाली देना या किसी का दिल दुखाना बहुत बड़ा पाप माना जाता है। बरसाना के पंडित कहते हैं – इस दिन किसी से भी कठोर शब्द न बोलें, नहीं तो राधा-कृष्ण की कृपा नहीं मिलती।

तुलसी के बिना भोग लगाना

कृष्ण जी को तुलसी के बिना भोग अधूरा है और राधा जी की पूजा तुलसी के बिना फल नहीं देती। भोग में तुलसी दल रखना न भूलें। साथ ही राधा जी को सफेद चीजों जैसे – मक्खन-मिश्री, खीर और सफेद मिठाई का भोग सबसे प्रिय है।

दोपहर में सोना और पूजा को टालना

राधा रानी का जन्म दोपहर अभिजीत मुहूर्त में हुआ था। इसलिए इस दिन दोपहर में सोना, पूजा को शाम तक टालना अशुभ माना जाता है। पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 11:02 से 1:29 बजे तक है। इसी समय में अभिषेक और भजन-कीर्तन करें।

क्या करें इस दिन?

इस दिन राधा सहस्त्रनाम का पाठ करें, “राधे-राधे” नाम का जाप करें और पति-पत्नी एक साथ पूजा करें तो प्रेम संबंध मजबूत होता है।

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