Hyderabad: वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से पेट्रोल, डीजल, गैस और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों का संयमित उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में देश को सामूहिक संकल्प और जिम्मेदार व्यवहार की आवश्यकता है।
तेलंगाना में करीब 9,400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करने के बाद भाजपा की एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आयातित पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग केवल आवश्यकता के अनुसार किया जाना चाहिए। इससे न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी, बल्कि वैश्विक संकट के असर को भी कम किया जा सकेगा।
“देशभक्ति का अर्थ केवल देश
प्रधानमंत्री ने कहा कि “देशभक्ति का अर्थ केवल देश के लिए प्राणों का बलिदान देना नहीं, बल्कि कठिन समय में जिम्मेदारी से जीवन जीना और अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना भी है।” उन्होंने लोगों से “वर्क फ्रॉम होम” अपनाने, गैर-जरूरी विदेश यात्राओं से बचने, सोने की खरीद कम करने और देश में ही शादी समारोह आयोजित करने का सुझाव दिया।
पीएम मोदी ने देश में बने उत्पादों को प्राथमिकता देने, खाद्य तेल के उपयोग में कमी लाने और सार्वजनिक परिवहन के अधिक इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, लोग मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों का उपयोग करें तथा सामान की ढुलाई के लिए रेल परिवहन को प्राथमिकता दी जाए।
प्रधानमंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहनों और कार पूलिंग को बढ़ावा देने की भी अपील की। किसानों से रासायनिक उर्वरकों का कम इस्तेमाल कर प्राकृतिक खेती अपनाने तथा डीजल पंपों के स्थान पर सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई पंपों के उपयोग का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि कोविड काल में देश ने वर्क फ्रॉम होम, वर्चुअल मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसे विकल्पों को अपनाया था, अब जरूरत पड़ने पर उन उपायों को फिर से अपनाने की आवश्यकता है। पीएम ने बताया कि पहले सरकार का ध्यान एलपीजी कवरेज बढ़ाने पर था, लेकिन अब पाइपलाइन के जरिए सस्ती गैस आपूर्ति और सीएनजी के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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