Wednesday, September 9, 2026

Hartalika Teej 2026: तीज पर भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, वरना पति की तरक्की पर लगेगा ग्रहण!

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Hartalika Teej 2026: हिंदू धर्म में हरतालिका तीज को सुहागिनों का सबसे कठिन और सबसे बड़ा व्रत माना जाता है। इस साल 2026 में हरतालिका तीज 14 सितंबर, सोमवार को मनाई जाएगी। इसी दिन गणेश चतुर्थी भी है, इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ गया है। यूपी और बिहार में इस व्रत को लेकर महिलाओं में खास उत्साह रहता है। यहां नई नवेली दुल्हन के लिए तो ये पहला सबसे बड़ा व्रत होता है।

मान्यता है कि इस दिन माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए निर्जला व्रत किया था। इसलिए जो भी सुहागिन सच्चे मन से ये व्रत करती है, उसे अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। लेकिन पंडितों के अनुसार, इस दिन कुछ छोटी-छोटी गलतियों से व्रत टूट भी सकता है और इसका असर पति की तरक्की पर भी पड़ता है।

भूलकर भी नहीं करनी चाहिए तीज पर ये 5 गलतियां

भूलकर भी न पहनें काले या सफेद कपड़े

हरतालिका तीज श्रृंगार का पर्व है। इस दिन काला, नीला, सफेद या भूरे रंग के कपड़े पहनना अशुभ माना जाता है। यूपी-बिहार में मान्यता है कि काले कपड़े पहनने से नकारात्मकता आती है। इस दिन लाल, हरी, पीली साड़ी या लहंगा पहनना सबसे शुभ होता है। यही रंग माता पार्वती को भी प्रिय हैं।

    दिन में सोना है सबसे बड़ी भूल

    कई महिलाएं निर्जला व्रत में थकान की वजह से दोपहर में सो जाती हैं। शास्त्रों में इसे सबसे बड़ी गलती बताया गया है। कहते हैं कि इस दिन सोने से व्रत का फल आधा हो जाता है। पूरे दिन भजन-कीर्तन करते हुए जागरण करना चाहिए। रात में शिव-पार्वती की कथा सुनने के बाद ही आराम करना चाहिए।

      गुस्सा, झूठ और कलह से बचें

      तीज के दिन मन, वचन और कर्म से पवित्र रहना जरूरी है। इस दिन पति से झगड़ा, किसी पर गुस्सा करना, झूठ बोलना या किसी की बुराई करना व्रत को खंडित कर देता है। यूपी-बिहार में बुजुर्ग महिलाएं कहती हैं कि इस दिन जो महिला झगड़ा करती है, उसके घर में बरकत नहीं रहती।

        माता पार्वती को श्रृंगार चढ़ाना न भूलें

        सिर्फ खुद सोलह श्रृंगार करना काफी नहीं है। पूजा में माता पार्वती को सिंदूर, बिंदी, चूड़ी, मेहंदी, महावर और चुनरी जरूर अर्पित करें। कई महिलाएं सिर्फ शिवलिंग पर जल चढ़ाकर पूजा पूरी कर देती हैं, जो गलत है। सुहाग की सारी चीजें माता को चढ़ाकर ही उसे प्रसाद के रूप में धारण करें।

          बिना कथा सुने पारण न करें

          सबसे बड़ी गलती – बिना हरतालिका तीज की व्रत कथा सुने व्रत तोड़ देना। कथा सुने बिना व्रत अधूरा माना जाता है। 14 सितंबर को पूरे दिन निर्जला रहने के बाद 15 सितंबर सुबह 6:06 बजे के बाद कथा सुनकर ही जल और अन्न ग्रहण करें।

            ध्यान दें: गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग या बीमार महिलाएं डॉक्टर की सलाह से फलाहारी व्रत कर सकती हैं। भगवान भाव देखते हैं, शरीर को कष्ट देना जरूरी नहीं।

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