Ayodhya News: कानपुर, 17 अगस्त 2026 भारतीय मजदूर संघ, भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ तथा सरकारी कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ के राष्ट्रव्यापी आह्वान के क्रम में आज दिनांक 17 अगस्त 2026 को ऑर्डनेंस फैक्ट्री इम्पलाइज यूनियन, कानपुर के नेतृत्व में आयुध निर्माणी के मुख्य द्वार पर एक विशाल द्वार सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में बड़ी संख्या में कर्मचारी और मजदूर शामिल हुए तथा राष्ट्रव्यापी आंदोलन के समर्थन में अपनी जोरदार आवाज उठाई।
द्वार सभा के उपरांत शाम 5:30 बजे यूनियन के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी महोदय, कानपुर को संबोधित करते हुए एक 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा, जिसमें कर्मचारियों और मजदूरों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं के समाधान की पुरजोर मांग की गई।
आंदोलन की प्रमुख 10 सूत्रीय माँगे
- पुरानी पेंशन योजना (OPS): देश के सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को पुनः बहाल किया जाए।
- न्यूनतम पेंशन और स्वास्थ्य लाभ: न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर ₹7,500 प्रति माह (महंगाई राहत – VDA के साथ) किया जाए और इसे ‘आयुष्मान भारत योजना’ से जोड़ा जाए।
- कवरेज सीमा में वृद्धि: EPF, ESIC और बोनस कैलकुलेशन के अंतर्गत कवरेज की अधिकतम सीमा (सीलिंग लिमिट) को दोगुना किया जाए।
- ग्रेच्युटी फॉर्मूले में संशोधन: ग्रेच्युटी गणना के फॉर्मूले में बदलाव कर इसे 15 दिन की मजदूरी से बढ़ाकर 30 दिन की मजदूरी किया जाए (बिना किसी अधिकतम सीमा के)।
- समान कार्य
- समान वेतन: ठेका श्रमिकों (कॉन्ट्रैक्ट वर्करों) सहित सभी कर्मचारियों के लिए ‘समान काम के लिए समान वेतन’ की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- न्यूनतम मजदूरी में संशोधन: जीवन-यापन की लागत में लगातार हो रही बढ़ोतरी के अनुपात में “न्यूनतम मजदूरी” में न्यायसंगत वृद्धि की जाए।
- स्कीम वर्करों का मानदेय: आंगनवाड़ी, आशा और अन्य सभी प्रकार के स्कीम वर्करों के मानदेय (Honorarium) में सम्मानजनक बढ़ोतरी की जाए।
- 5-दिवसीय कार्य सप्ताह: बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों की तर्ज पर सभी क्षेत्रों में सप्ताह में पांच दिन काम करने की व्यवस्था लागू की जाए।
- लेबर कोड में संशोधन: लेबर कोड में मौजूद मजदूर-विरोधी प्रावधानों को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए और आवश्यक बदलाव किए जाएं।
- लंबित मामलों का समाधान हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (HEC) रांची तथा आठ राज्यों में स्थित 23 नेशनल टेक्सटाइल मिलों के मजदूरों और कर्मचारियों से जुड़े लंबे समय से लंबित अन्य सभी मुद्दों का त्वरित समाधान किया जाए।

सभा में कई बड़ीं
सभा को संबोधित करते हुए कमल किशोर गौड़, शिवेन्द्र सागर शर्मा, ओम कुमार त्रिपाठी, अजय पाल सिंह इत्यादि वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन न्यायसंगत मांगों पर जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा। तथा प्रमुख रूप से द्वार सभा में दीपक उपाध्याय,वेद व्यास मणि, आफताब अहमद, जितेंद्र सिंह, अजय कुमार, वरुण मिश्रा, अनुराग वर्मा, जगतारन सिंह, सुनील राय, चंद्रशेखर , विनीत सिंह एवं सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे ।
ये भी पढ़ें- Hindu Philosophy: क्या आप जन्म से पहले मौजूद थे? वेदांत का ये रहस्य जानकार बदल जाएगी मैं कौन हूं की आपकी पूरी समझ

