Sharad Purnima 2026: हर साल अश्विन मास की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा मनाई जाती है, लेकिन इस साल लोगों में कंफ्यूजन है कि शरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर को है या 26 अक्टूबर को। आइए पंचांग के अनुसार सही तिथि जानते हैं।
शरद पूर्णिमा 2026 कब है? सही तिथि
पंचांग के अनुसार, अश्विन पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर 2026, रविवार को शाम 05:19 बजे से शुरू होगी और 26 अक्टूबर सोमवार शाम 07:02 बजे तक रहेगी।
चूंकि चांद की पूजा रात में होती है, इसलिए शरद पूर्णिमा का व्रत और स्नान-दान 25 अक्टूबर रविवार को ही मनाया जाएगा। उदयातिथि के कारण कहीं-कहीं 26 अक्टूबर भी बताया जा रहा है, लेकिन मुख्य पर्व 25 अक्टूबर को ही है।
चांद निकलने का समय
शरद पूर्णिमा पर चांद का सबसे ज्यादा महत्व है। 25 अक्टूबर को चांद शाम 05:34 बजे निकलेगा। इसी समय चांद की रोशनी में खीर रखने का सबसे अच्छा मुहूर्त है।
खीर रखने का शुभ मुहूर्त
मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चांद से अमृत बरसता है। इसलिए इस रात खीर बनाकर चांदनी में रखी जाती है।
- खीर रखने का समय: रात 08:15 बजे से रात 12:30 बजे तक
- खीर कैसे रखें: चांदी या स्टील के बर्तन में खीर बनाकर पतले कपड़े से ढककर छत पर रखें, ताकि चांद की किरणें सीधे खीर पर पड़ें।
पूजा विधि:
- शाम को स्नान करके सफेद कपड़े पहनें।
- भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें।
- चांद निकलने पर अर्घ्य दें और “ॐ सोमाय नमः” मंत्र का जाप करें।
- रात भर जागकर भगवान का भजन करें।
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