Monday, September 14, 2026

Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में नए कपड़े, गाड़ी और सोना खरीदना शुभ या अशुभ? जान लें सही नियम वरना लगेगा दोष

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Pitru Paksha 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार पितृ पक्ष को पितरों को समर्पित सबसे पवित्र काल माना जाता है। इस साल 2026 में पितृ पक्ष 27 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर 2026 (सर्वपितृ अमावस्या) तक रहेगा। इन 15 दिनों में लोग अपने पूर्वजों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या इस दौरान शॉपिंग करना शुभ होता है?

क्या पितृ पक्ष में खरीदारी करना अशुभ होता है?

शास्त्रों में पितृ पक्ष को अशुभ नहीं, बल्कि पितृ कार्य का समय बताया गया है। पंडितों के अनुसार ये 15 दिन भौतिक सुख और दिखावे के लिए नहीं होते। इसलिए नई, चमक-दमक वाली चीजें खरीदने से बचना चाहिए। मान्यता है कि इस दौरान नई चीजों का सुख भोगने से पितर नाराज होते हैं और पितृ दोष लगता है।

1. नए कपड़े खरीदने और पहनने का नियम

पितृ पक्ष में नए वस्त्र खरीदना और पहनना दोनों से बचना चाहिए। खासकर लाल, पीले और बिल्कुल नए फैशन वाले कपड़े नहीं खरीदने चाहिए।

नियम: अगर कपड़े खरीदना बहुत जरूरी है तो खरीदकर घर में रख दें और नवरात्रि के पहले दिन से पहनना शुरू करें। इस दौरान सफेद, सादे और पुराने कपड़े पहनना सबसे उत्तम है।

2. गाड़ी, घर, सोना-चांदी खरीदना शुभ या अशुभ?

पितृ पक्ष में वाहन (गाड़ी/बाइक), घर, जमीन, प्लॉट, सोना-चांदी और बड़ी इलेक्ट्रॉनिक चीजें जैसे – फ्रिज, टीवी, मोबाइल खरीदना वर्जित माना जाता है।

ज्योतिष के अनुसार इस दौरान खरीदी गई गाड़ी में दुर्घटना का भय रहता है और सोने-चांदी में बरकत नहीं होती। अगर आपने पहले से बुकिंग कर रखी है तो उसकी डिलीवरी 10 अक्टूबर के बाद नवरात्रि में लेना सबसे शुभ रहेगा।

3. मांगलिक कार्य क्यों होते हैं बंद?

पितृ पक्ष में शादी, सगाई, मुंडन, जनेऊ, गृह प्रवेश और नया बिजनेस शुरू करना पूरी तरह से मना होता है। क्योंकि ये 15 दिन देव कार्यों के लिए नहीं, बल्कि पितृ कार्यों के लिए होते हैं। इस दौरान किया गया शुभ कार्य फल नहीं देता।

तो पितृ पक्ष में क्या खरीदना शुभ होता है?

पितृ पक्ष में खरीदारी पूरी तरह मना नहीं है। बल्कि कुछ चीजें खरीदना बहुत शुभ माना जाता है:

  • पितरों के लिए सफेद धोती, कंबल, छाता, जूते-चप्पल
  • तिल, जौ, कुशा, गंगाजल, चंदन
  • दान के लिए अन्न, वस्त्र और बर्तन

इन चीजों का दान करने से पितर प्रसन्न होते हैं और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।

निष्कर्ष

कोशिश करें कि पितृ पक्ष में बड़ी खरीदारी टाल दें। अगर बहुत जरूरी हो तो सामान खरीदकर पितरों के नाम से निकाल दें और शुभ मुहूर्त में नवरात्रि में उसका उपयोग शुरू करें।

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