UP NEWS: कानपुर में भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के कार्यकारी अध्यक्ष श्री मुकेश सिंह ने कहा कि आज आयुध निर्माणी बोर्ड (Ordnance Factory Board) के लाखों कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। लंबे समय से लंबित ओवरटाइम एरियर के भुगतान को लेकर कर्मचारियों की मांग और संघर्ष आज रंग लाया है। रक्षा मंत्रालय, आयुध उत्पादन विभाग के अंतर्गत कार्यरत आयुध निर्माणियों के कर्मचारियों के लिए ‘फैक्ट्रीज एक्ट, 1948 की धारा 59’ के तहत ओवरटाइम मजदूरी और एरियर के भुगतान का औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया है।
आयुध समन्वय सेवाओं ( DoC&S) के JCM तृतीय सदस्य एवं सचिव श्री साधु सिंह ने इस कदम का स्वागत किया और कहा कि यह भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) के अथक प्रयासों, अनुशासित संघर्ष और निरंतर आंदोलनों का परिणाम है। लंबे समय से कर्मचारी ‘ऑर्डिनरी रेट ऑफ वेजेज’ (Ordinary Rate of Wages) की सही गणना और उसमें महंगाई भत्ते व अन्य अनुमत भत्तों को शामिल करने की मांग कर रहे थे।
क्या है मामला और आदेश की मुख्य बातें
माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने 20 जनवरी 2025 को ‘भारत संघ बनाम हैवी व्हीकल्स फैक्ट्री एम्प्लॉइज यूनियन’ मामले में एक ऐतिहासिक निर्णय दिया था। न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि ओवरटाइम की गणना के लिए ‘ऑर्डिनरी रेट ऑफ वेजेज’ में मूल वेतन के साथ-साथ उन सभी भत्तों को शामिल किया जाना चाहिए जिसके लिए कर्मचारी हकदार हैं।
भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के मीडिया प्रभारी शिवेन्द्र सागर शर्मा ने इस आदेश का स्वागत करते हुए इसे कर्मचारियों के धैर्य और एकता की जीत बताया है। संघ ने कहा कि विभाग द्वारा जारी यह आदेश न केवल कर्मचारियों के आर्थिक हितों की रक्षा करेगा, बल्कि फैक्ट्री कानून के वैधानिक प्रावधानों को भी पूरी तरह लागू करेगा।
यह आदेश सभी आयुध निर्माणियों के कार्यकारी निदेशकों और महाप्रबंधकों को प्रेषित कर दिया गया है, ताकि इसका लाभ शीघ्र अति शीघ्र धरातल पर कर्मचारियों एवं सेवानिवृत्त लोगों तक पहुँच सके।
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