Ayodhya news: रुदौली विधायक की शिकायत पर शासन द्वारा की जा रही जांच अब रैपिड एक्शन में आ गई है। शासन ने इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के दो लिपिकों समेत तीन का बयान दर्ज कराने के लिए लखनऊ तलब किया है। तलब आदेश का पत्र वायरल होने के बाद से स्वास्थ्य विभाग में खलबली का आलम है। इससे पहले यहां आई तीन सदस्यीय जांच समिति सीएमओ डॉ सुशील कुमार बानियान के बयान दर्ज कर चुकी है और अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ बीके चौहान कई।
रुदौली विधायक की शिकायत पर रैपिड एक्शन में आया प्रशासन
कर्मियों से तीन दिन तक बयान पत्र भरवा चुके हैं। रुदौली विधायक ने शासन को पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाए थे कि सीएमओ ने जनपद में लगभग 70-75 नर्सिंग होम/प्राइवेट हॉस्पिटलों को सील कराया था। आरोप है कि उसके बाद लिपिक विजय कुमार, योगेन्द्र तिवारी व एक अन्य कर्मी ने मोटी रकम लेकर इनमें से अधिकांश सील किए गए अस्पतालों को दोबारा संचालित करने की अनुमति दे दी। विधायक ने इसे भ्रष्टाचार का गंभीर मामला
बताते हुए जांच की मांग की थी। अब निदेशक पैरामेडिकल एवं अध्यक्ष जांच समिति डॉ. रंजना खरे ने 24 दिसंबर को सीएमओ को सख्त पत्र जारी किया। पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि तीनों कर्मचारियों को संबंधित मूल फाइलें, रजिस्ट्रेशन/नवीनीकरण दस्तावेज और दो सेट छायाप्रतियों के साथ लखनऊ स्थित कार्यालय में बयान दर्ज कराने के लिए भेजा जाए। चेतावनी दी है कि शिकायतों पर जांच पूरी कर आख्या शासन को तुरंत उपलब्ध कराई जाए। किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसमें होने वाली किसी भी देरी का पूरा उत्तरदायित्व सीएमओ का होगा।
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