Spiritual Relations: November 2025:भौतिकता से परे आध्यत्मिकता होती है जहाँ सभी भेद समाप्त हो जाते है आज आधुनिकता के दौर में भौतिकता पर टिके सम्बंधो और रिश्तों का लम्बे समय तक कायम रहना अपने आप में ईश्वर का वरदान साबित होता है जहाँ पर आध्यात्मिकता की बुनियाद पर टिकी रिश्तों की डोर विपरीत से विपरीत परिस्थतियों में भी अपने वचनों को पूर्णरुप से निभाने में परिपक्व होते है।
आध्यात्मिक भाव से जुड़े आत्मिक रिश्तेः
भावनाओं की गहराईयों और विश्वासो से जुड़े एक दूसरे के लिये समर्पित आत्मिक रिश्तों की डोर ईश्वर के प्रति आध्यात्मिक भाव से बंधी होती है।

जिसे भौतिकतावाद से तोड़ा जाना असंभव होता है। आध्यात्मिक डोर से बंधे रिश्तों से एक भावपूर्ण विकसित समाज का निर्माण संभव होता है। इसलिये रिश्तों को डोर को मजबूती से बांधे रखने के लिये त्योहार के अलावा शादी सालगिराह, जन्मोत्सव हो या अन्य कार्पोरेट सेक्टर के कार्यक्रम सभी में आध्यात्मिकता को प्राथमिकता दी जाती है।
शादी सालगिराह और जन्मोत्सव को मनाये स्पिरिचुअल और यादगारः
शादी सालगिराह और जन्मोत्सव के लिये आध्यात्मिक स्थान श्रीराधा कृष्ण की चौखट पर उनके भव्यमय दर्शन और भजनों की सुन्दर प्रस्तुति के साथ आपको शुद्धता से परिपूर्ण शकाहारी भोजन “मंदिर की थाली” मिल जाये तो सोने पर सुहागा वाली बात हो जाती है।

शहर के प्रसिद्ध जे.के. मंदिर प्रांगण कमला नगर कानपुर में मंदिर की थाली के साथ आप अपनी शादी की सालगिराह, जन्मदिन या फिर कार्पोरेट सेक्टर की मीटिंग सभी में आध्यात्मिकता से परिपूर्ण वातावरण में खास मौके को यादगार बना सकते है। इसके साथ मंदिर परिसर में स्थित गुरुकुल और गौशाला की गौ सेवा का पावन अवसर भी प्राप्त कर सकते है।
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