water pipeline:स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस गंभीर समस्या को लेकर जल निगम के अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। आरोप है कि विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी है। मात्र एक-दो कर्मचारियों के भरोसे पूरे क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था संचालित की जा रही है, जिसके कारण पाइपलाइनों की समय पर मरम्मत नहीं हो पा रही है।
जिन घरों में निजी नलकूप या बोरिंग की सुविधा है, वे लोग किसी तरह स्वच्छ पानी का इंतजाम कर पा रहे हैं। हालांकि, जो परिवार पूरी तरह जल निगम की आपूर्ति पर निर्भर हैं, वे सबसे अधिक प्रभावित हैं। दूषित पानी के सेवन से डायरिया, पीलिया और टाइफाइड जैसी संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है। इसके बावजूद संबंधित विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
नगरवासियों ने जल निगम के अधिकारी से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल टूटी और गड्ढा हुई पाइपलाइनों की मरम्मत कराई जाए और स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। यह मामला सुमेरपुर थाना के वार्ड न 18 के गुटका फैक्ट्री के पास श्याम लाल साहू के दरवाजे के पास का मामला
अथवा यहाँ पर रात में वाहन आने जाने एक्सीडेंट व बच्चों के स्कूल जाते हुए बच्चों का हादसा का शिकार हो सकता हैं।
ये भी पढ़ें- Amitabh thakur: देवरिया जेल से निकले पूर्व IPS, पुलिस तक को नहीं लगी भनक!

