New Delhi: Central Board of Secondary Education की नई भाषा नीति और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए Supreme Court of India ने फिलहाल किसी भी प्रकार की रोक लगाने से इनकार कर दिया है। अदालत के इस रुख से केंद्र सरकार और CBSE को बड़ी राहत मिली है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई जारी रहेगी, लेकिन तब तक CBSE की वर्तमान व्यवस्था लागू रहेगी। इसके तहत कक्षा 9 और 10 के विद्यार्थियों के लिए दो भारतीय भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य रहेगा।
यह मामला नई शिक्षा नीति के तहत भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण से जुड़ा हुआ है। याचिकाकर्ताओं ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए इसे छात्रों पर अतिरिक्त बोझ बताया था। वहीं केंद्र सरकार और CBSE की ओर से अदालत में कहा गया कि नीति का उद्देश्य भारतीय भाषाओं को मजबूत करना और विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है।
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल किसी अंतरिम राहत से इनकार करते हुए कहा कि इस स्तर पर नीति पर रोक लगाने का कोई आधार नहीं बनता। अदालत आगे की सुनवाई में सभी पक्षों की दलीलें विस्तार से सुनेगी।
इस फैसले के बाद देशभर के CBSE स्कूलों में नई भाषा नीति पूर्ववत लागू रहेगी।
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