Saturday, February 14, 2026

High court: जाति जन्म से तय, विवाह या धर्म परिवर्तन से नहीं बदलती

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High court: जाति जन्म से तय, विवाह या धर्म परिवर्तन से नहीं बदलतीइलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि किसी भी व्यक्ति की जाति जन्म से निर्धारित होती है और विवाह या धर्म परिवर्तन के बाद भी उसमें बदलाव नहीं होता। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि किसी महिला का विवाह दूसरी जाति में हो जाता है, तब भी उसकी मूल जाति समाप्त नहीं मानी जा सकती।


कोर्ट ने कहा कि भारतीय सामाजिक व्यवस्था में जाति व्यक्ति की पहचान का एक स्थायी पहलू है, जिसे केवल विवाह या धर्म परिवर्तन के आधार पर परिवर्तित नहीं किया जा सकता। यह टिप्पणी अदालत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान की।


हाईकोर्ट की इस टिप्पणी को सामाजिक और कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे आरक्षण, सामाजिक अधिकारों और पहचान से जुड़े मामलों में स्पष्टता मिल सकती है।

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