Zojila Tunnel: भारत के सबसे महत्वाकांक्षी सुरंग का ढांचा परियोजनाओं में शामिल मुख्य Zojila Tunnel देश के सामरिक और आर्थिक विकास की दिशा में बेहद ऐतिहासिक कदम है। बता दें कि यह Zojila Tunnel जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग और लद्दाख के द्रास क्षेत्र को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-1 पर बनाई जा रही है। खुशी की बात ये है कि इसके पूर्ण होने के बाद कश्मीर घाटी और लद्दाख के बीच पूरे निर्बाध संपर्क संभव हो सकेगा।
जानिए क्या है परियोजना का महत्व
खास बात ये है कि ये सिर्फ परियोजना नही है। बल्कि ये वो सुरंग है जो दिलों से होकर गुजरेगी . इतना ही नहीं बारी बर्फबारी के बीच देश के अन्य हिस्सों से लद्दाख का संपर्क बंद हो जाता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। ये जोजिला दर्रा समुद्र तल से लगभग 11,5500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। जो अब इस समस्या से समाधना का रास्ता बनेगी। इस सुरंग के जरिए पूरे साल सुरक्षित और सरल आवागमन सुनिश्चित करेगी।

आइए जानते है सुरंग की विशेषताएं
1 सबसे पहले बात करगें सुरंग की लंबाई की… इसकी लम्बाई है 14.15 किलोमीटर होगी।
2 दूसरी सबसे खास बात ये है कि ये सबसे लंबी दो-लेन सड़क सुरंगों में शुमार होगी।
3 इसके साथ ही परियोजना के अंतर्गत अत्याधुनिक वेंटिलेशन, सुरक्षा और आपातकालीन निकासी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
4 सबसे खास और अहम बात ये है कि सुरंग के निर्माण के बाद सोनमर्ग से द्रास के बीच यात्रा का समय बहुत ही कम हो जाएगा।
सुरक्षा की दृष्टिकोण से अहम बातें-
चीन और पाकिस्तान की सीमाओं के निकट स्थित होने के कारण भारत का सबसे और सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है, इस वजह से यहां सेना का आवागमन और रसद आपूर्ति बेहद जरूरी है। Zojila Tunnel हर मौसम के लिए लाभकारी होगी सैन्य वाहनों और आवश्यक सामग्री की बिना रुकावट के आवागमन हो सकेगा। जिससे देश को हर क्षेत्र में मजबूती मिलेगी।
अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
Zojila Tunnel की परियोजना से केवल सैन्य या फिर आवामन ही नहीं, बल्कि पर्यटन, व्यापार और रोजगार के कई अवसर पैदा होंगे। लद्दाख और कश्मीर के बीच बेहतर संपर्क से स्थानीय उत्पादो का परिवाहन आसान होगा। जिसके साथ ही पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी। इस क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को बल मिलेगा।
क्या है निष्कर्ष
Zojila Tunnel ये सिर्फ एक इंजीनियरिंग परियोजना नहीं, बल्कि इसकी नीव जम्मू— कश्मीर और लद्दाख के विकास, सुरक्षा और समृद्धि का आधार बनने जा रही है। यह सुरंग देश के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों को आधुनिक बुनियादी ढांचे से जोड़ने की भारत की प्रतिबद्धता का प्रतीक है इतना ही आने वाले सालों में क्षेत्र की और साथ ही भारत की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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