Message of Gratitude: आयुध निर्माणियों (Ordnance Factories) के समर्पित कार्यबल की ओर से और प्रभावशाली कवरेज के लिए प्रिंट मीडिया के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। आपकी पत्रकारिता ने हजारों कर्मचारियों की आवाज को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कार्यबल स्थिरता के लिए एक मील का पत्थर
हमें कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में आयोजित जेसीएम (JCM) काउंसिल की बैठक में हुए हालिया घटनाक्रमों को साझा करते हुए बेहद खुशी हो रही है। हमारी मुख्य मांगों को स्वीकार किया जाना रक्षा उत्पादन इकाइयों के मनोबल और कार्यात्मक दक्षता को बनाए रखने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
‘डीम्ड डेप्यूटेशन’ (Deemed Deputation) का विस्तार: सभी मौजूदा कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति (सेवा समाप्ति) तक ‘डीम्ड डेप्यूटेशन’ की स्थिति को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। यह कदम हमारी नौकरी की सुरक्षा और सेवा शर्तों की निरंतरता सुनिश्चित करता है।
प्रसार भारती मॉडल को अपनाना: प्रसार भारती मॉडल की तर्ज पर व्यवस्था को अपनाकर, सरकार ने आयुध कर्मचारियों की विशिष्ट स्थिति को मान्यता दी है। इससे हम नए कॉर्पोरेट ढांचे में ढलते हुए भी राष्ट्र के रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र का अभिन्न हिस्सा बने रहेंगे।
पत्रकारों की लेखनी हमारे कारखानों के औजारों जितनी ही महत्वपूर्ण रही है। ‘डीम्ड डेप्यूटेशन’ के बारीकियों को उजागर करके, प्रिंट मीडिया ने नीति निर्माताओं और कर्मचारियों के बीच की दूरी को पाटने में मदद की है।
भविष्य की ओर
हम कैबिनेट सचिव और जेसीएम काउंसिल को उनके सहानुभूतिपूर्ण नेतृत्व और निगमीकरण (Corporatization) प्रक्रिया के दौरान किए गए वादों को पूरा करने के लिए धन्यवाद देते हैं। हम उन सभी संपादकों और संवाददाताओं के भी ऋणी हैं जिन्होंने यह सुनिश्चित किया कि इस औद्योगिक परिवर्तन के दौरान मानवीय संवेदनाओं को अनदेखा न किया जाए।
भवदीय
शिवेंद्र सागर शर्मा
मीडिया प्रभारी
भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ
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