10 मिनट में बनाएं आयरन से भरपूर पहाड़ी साग

 10 मिनट में बनाएं आयरन से भरपूर पहाड़ी साग

उत्तराखंड की रसोई अपने देसी और पौष्टिक व्यंजनों के लिए जानी जाती है। इन्हीं में से एक है काफूली।

पहाड़ में इसे सर्दियों में सबसे ज्यादा बनाया जाता है। यह न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट है, बल्कि सेहत के लिए भी खजाना है।

अगर आप भी रोज-रोज की दाल-सब्जी से बोर हो गए हैं, तो एक बार पहाड़ी काफूली जरूर ट्राई करें। इसे बनाना बेहद आसान है।

पालक 500 ग्राम, मेथी या राई के पत्ते 250 ग्राम, लहसुन 10 कली, हरी मिर्च 3, चावल का आटा 2 चम्मच, सरसों का तेल 2 चम्मच, जीरा, सूखी लाल मिर्च और नमक स्वादानुसार

सबसे पहले पालक और मेथी को अच्छे से धोकर काट लें। अब कड़ाही में एक गिलास पानी डालकर उसमें पालक, मेथी, हरी मिर्च और लहसुन डालकर उबाल लें।

उबलने के बाद इसे मथनी (पहाड़ में इसे माठू कहते हैं) से अच्छी तरह घोट लें। 

उबलने के बाद इसे मथनी (पहाड़ में इसे माठू कहते हैं) से अच्छी तरह घोट लें। 

अब एक कटोरी में चावल के आटे को पानी में घोलकर इसमें मिला दें। इससे काफूली में गाढ़ापन आएगा। अब इसमें नमक डालकर 5 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं।

एक छोटी कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें। उसमें जीरा, सूखी लाल मिर्च और कुटा हुआ लहसुन डालकर भूनें। इस तड़के को काफूली के ऊपर डाल दें।

गरमा-गरम काफूली को चावल और भांग की चटनी के साथ परोसें। ऊपर से देसी घी डालने से इसका स्वाद दोगुना हो जाता है।