valmik thapar:भारत के फेमस बाध संरक्षणकर्ता और लेखक वाल्मीक थापर का निधन हो गया है। वे 37 साल के थे। बता दें कि लोग उन्हें ‘टाइगर मैन’ के नाम से जानते थे। थापर ने 1988 में रणथंभौर फाउंडेशन बनाई, जो एक गैर-सरकारी संस्था है। बता दें कि यह संस्था स्थानीय लोगों के साथ मिलकर बाघों और जंगलों की सुरक्षा करती थी।
valmik thapar ने हमेशा शिकार करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाने और बाघों के रहने की जगहों के लिए लगातार आवाज उठाते रहे है।
बाघ सरक्षण के लिए आवाज उठाई
valmik thapar ने सरकार के लिए लगभग 150 से ज्यादा पैनलों में काम किया और 30 से अधिक किताबें वन्यजीवों पर लिखी। साथ ही थापर यूपीए सरकार की टाइगर टास्क फोर्स के सदस्य भी थे। यह फोर्स उस वक्त बनी थी जब सारिका टाइगर रिजर्व से अचानक बाघ गायब हो गए थे।

कौन-कौन है परिवार में
वाल्मीक थापर के निधन पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने दुख जताया। नेता ने कहा कि थापर के जाने से बाघ और जंगल बचाने के काम में बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। उनके परिवार में उनके पिता थे जिनका नाम एक प्रसिद्ध पत्रकार थे। बता दें कि वाल्मिक थापर, संजना कपूर के पति थे और उनका एक बेटा भी है।
दुनिया के सामने बाघ को दिलाई पहचान
वहीं वाल्मिक थापर ने भारत के बाघों को दुनिया के सामने पहचान दिलाने में बहुत बड़ा काम किया। बता दें कि थापर ने बीबीसी के लिए कई फिल्में पेश कीं। साल 2024 में माय टाइगर फैमली नाम की डॉक्यूमेंट्री में हिस्सा लिया, 50 साल तक रणथंभौर के जंगली बाघों का अध्ययन किया।
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