UP News:शाहजहांपुर के परौर गांव में गोशाला विवाद को लेकर एक ग्रामीण को खेत में लाठियों से पीटा गया और जूतों से पेशाब पिलाया गया। जब उसकी पत्नी ने विरोध किया तो उसके साथ भी छेड़छाड़ की गई। घायल ग्रामीण को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। पुलिस अधीक्षक ने जाँच के आदेश दिए हैं। आइए जानतें हैं क्या हैं पूरी खबर…
क्या हैं पूरी खबर
परौर के एक गांव में आवारा जानवरों को भगाने का विरोध गांव के रसूखदार लोगों को इतना नागवार गुजरा कि उन्होंने ग्रामीण की खेत में ही लाठी-डंडों से पिटाई कर दी। इसके बाद भी जब उनका मन नहीं भरा तो उन्होंने उसके जूतों में पेशाब करके उसे जबरन पिलाकर अमानवीय कृत्य किया।
पीड़ित की पत्नी ने शोर मचाया तो उसके साथ छेड़छाड़ की गई। घायल को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने के बाद महिला तहरीर देने गई, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। प्रभारी निरीक्षक और सीओ अनभिज्ञता जताते रहे। बाद में उन्होंने इसे पारिवारिक विवाद और सामान्य घटना बताने की कोशिश की। पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने कहा है कि मामले की जांच की जाएगी।
गाय पर हुआ था विवाद
महिला ने बताया कि, तीन दिन पहले, 14 नवंबर को, गांव का एक प्रभावशाली व्यक्ति गौशाला में रखी गायों को उनके घर की ओर हांक रहा था। घर में एक गाय घुस आई थी, जिस पर उसके पति ने आपत्ति जताई थी। वह आदमी उसे गालियां देने लगा और धमकी देने लगा कि वह रोज इसी तरह गायों को छोड़ेगा और कोई कुछ नहीं कर पाएगा। उसके पति ने 1076 पर शिकायत दर्ज कराई।
यह पता चलने पर, वही व्यक्ति अगले दिन चार अन्य लोगों के साथ खेत पर पहुंचा। उस समय वह अपने पति के साथ आलू बो रही थी। उन्होंने उसके पति को लाठियों से पीटना शुरू कर दिया। उन्होंने उसके जूतों में पेशाब कर दिया और उसे पिला दिया। जब उसने मदद के लिए चिल्लाने की कोशिश की, तो उन्होंने उसके साथ भी छेड़छाड़ और मारपीट की।
मेडिकल कॉलेज में कराया गया भर्ती
मिली जानकारी के अनुसार, जब वह अपने घायल पति को लेकर थाने गई, तो आरोपियों ने रास्ते में उसे घेर लिया और धमकाया। वह किसी तरह उसे मेडिकल कॉलेज ले गई, जहां उसे भर्ती कराया गया। जब उसे होश आया, तो वह सोमवार दोपहर थाने गई, लेकिन पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं की। परौर के प्रभारी निरीक्षक अशोक पाल सिंह और सीओ अजय कुमार राय ने शुरुआत में ऐसी किसी घटना की जानकारी होने से इनकार किया।
महिला की शिकायत और थाने में उसकी मौजूदगी के सबूतों के बारे में जब उन्हें बताया गया, तो उन्होंने इसे पारिवारिक विवाद बताकर खारिज कर दिया। पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने कहा कि आरोप गंभीर हैं और वे घटना की जानकारी जुटा रहे हैं। वे जाँच करके कार्रवाई करेंगे।
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