UP News: उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट रिवीजन (SIR) के दौरान लापरवाही बरतने वाले 60 टीचरों की सैलरी रोक दी गई है। साथ ही, 352 बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर FIR की चेतावनी दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई अपनी ड्यूटी ठीक से न करने की वजह से की गई। आइए जानतें हैं पूरी खबर…
लापरवाही अब पड़ी महंगी
वोटर लिस्ट रिवीजन के काम में लापरवाही अब महंगी पड़ रही है। चुनाव आयोग की सख्ती और लगातार निर्देशों के बावजूद, कई कर्मचारी और BLO फॉर्म जमा करने और डिजिटाइज करने में समय नहीं लगा रहे हैं, जिससे उन पर कार्रवाई हो रही है। कोथावां, कछौना और बेहंदर इलाके के 60 टीचरों की सैलरी रोक दी गई है, जबकि जिन BLO का डिजिटाइजेशन 10 से कम हुआ है, उन्हें FIR की चेतावनी दी गई है।
8,000 फॉर्म डिजिटाइज करने मिला टारगेट
मिली जानकारी के अनुसार, हर ARO को रविवार सुबह से सोमवार सुबह 10 बजे तक 8,000 फॉर्म डिजिटाइज करने का टारगेट दिया गया है, और उन्हें इसे हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर कम परसेंटेज मिला तो जिम्मेदार BDO, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और दूसरे जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। यह पक्का करना कि सभी वोटर SIR के तहत BLOs द्वारा दिए गए फॉर्म को सही से भरें, उन्हें वापस लें और उन्हें डिजिटाइज करें, यह सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
धीमी रफ्तार पर लिया गया एक्शन
इलेक्शन कमीशन ने भी साफ निर्देश दिए हैं कि 2025 की वोटर लिस्ट से किसी भी वोटर का नाम नहीं छूटना चाहिए। इसके बावजूद कई इलाकों से लगातार लापरवाही की शिकायतें आ रही थीं। एडमिनिस्ट्रेशन की बार-बार चेतावनी के बावजूद काम की धीमी रफ्तार पर अब एक्शन लेना जरूरी हो गया है। बालामू विधानसभा के ARO की सिफारिश पर कोथावां, कछौना और बेहंदर इलाके में तैनात 60 टीचरों की सैलरी तुरंत रोक दी गई है। ये टीचर BLOs के साथ मिलकर फॉर्म जमा करने और फॉर्म को डिजिटाइज करने का काम कर रहे थे, लेकिन टारगेट का आधा भी पूरा नहीं कर पाए।
352 BLO दी गई चेतावानी
एडमिनिस्ट्रेशन ने साफ कहा है कि वोटर लिस्ट में बदलाव कोई आसान काम नहीं है, बल्कि डेमोक्रेटिक प्रोसेस की बुनियाद से जुड़ा एक बहुत ही सेंसिटिव काम है। इस मामले में किसी भी लेवल पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन 352 BLO ने 10 से कम फॉर्म डिजिटाइज किए हैं, उन्हें आखिरी चेतावनी दी गई है, जिसमें कहा गया है कि अगर उनके काम में तुरंत सुधार नहीं हुआ, तो उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी। संबंधित SDM और ARO को मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी ARO, BLO और सपोर्टिंग स्टाफ को इन टारगेट को पूरा करने के लिए चौबीसों घंटे काम करने के निर्देश दिए गए हैं। कई जगहों पर कंप्यूटर ऑपरेटरों की संख्या बढ़ाई गई है, और स्पेशल कैंप भी लगाए गए हैं।
ये भी पढ़ें- UP News: लखनऊ के व्यापारी से ठगे 60 लाख रुपये, टेलीग्राम पर जालसाजों ने फंसाया

