Wednesday, February 25, 2026

UP News: MBBS एडमिशन के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी, कई शहरों में 18 से ज़्यादा केस दर्ज

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UP News: MBBS एडमिशन के नाम पर लोगों से 100 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले दो जालसाजों, बिहार के औरंगाबाद के रहने वाले प्रेम प्रकाश विद्यार्थी और समस्तीपुर के रहने वाले उसके साथी संतोष कुमार को साइबर क्राइम पुलिस ने मंगलवार देर रात चिनहट के कठौता इलाके से गिरफ्तार किया। आरोपियों ने स्टडी पाथवे नाम से कंसल्टेंसी सेंटर खोला था और MBBS में एडमिशन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे थे। आइए जानतें हैं पूरी खबर…

साइबर क्राइम थाने में कई लोगों ने MBBS एडमिशन के लिए कराया केस दर्ज

डीसीपी क्राइम कमलेश दीक्षित ने बताया, कि कुछ दिन पहले स्टडी पाथवे कंसल्टेंसी के खिलाफ विभूतिखंड और साइबर क्राइम थाने में कई लोगों ने MBBS एडमिशन को लेकर केस दर्ज कराया था। आरोप था कि कंसल्टेंसी के कर्मचारियों ने एडमिशन के नाम पर उनसे लाखों रुपये ठगे हैं। जांच में पता चला कि स्टडी पाथवे कंसल्टेंसी का ऑफिस विभूतिखंड इलाके में है। जब पुलिस पहुंची तो ऑफिस बंद मिला और कर्मचारी भाग चुके थे। जांच में पता चला कि कंसल्टेंसी का मुख्य संचालक अभिनव शर्मा है, जिसका असली नाम प्रेम प्रकाश विद्यार्थी है। संतोष कुमार उसका मुख्य साथी है।

दोनों को मंगलवार देर रात गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में प्रेम प्रकाश ने बताया कि वह चिनहट में एक अपार्टमेंट में पेंटहाउस किराए पर लेकर रहता था। वह पहले भी दर्जनों लोगों से MBBS एडमिशन के नाम पर 100 करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है। वह उन्हें बाराबंकी के हिंदू मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने का झांसा देता था। इसके लिए उसने हिंदू मेडिकल कॉलेज के नाम पर कई फर्जी बैंक अकाउंट खोल रखे थे।

DCP ने बताया कि आरोपी प्रेम प्रकाश के खिलाफ दिल्ली, बिहार, गुजरात, लखनऊ, गोरखपुर, नोएडा, बिजनौर, सहारनपुर और प्रयागराज में धोखाधड़ी और जालसाजी के कुल 18 केस दर्ज हैं।

ऐसे फंसाता था लोगों को

साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर बृजेश यादव ने बताया कि जो स्टूडेंट्स NEET का एग्जाम देते थे और कम नंबरों की वजह से अच्छे कॉलेज में एडमिशन नहीं ले पाते थे, उन्हें टारगेट किया जाता था। प्रेम प्रकाश ऐसे स्टूडेंट्स की डिटेल्स ऑनलाइन कंपनियों से खरीदता था और सोशल नेटवर्किंग साइट्स के जरिए उनसे कॉन्टैक्ट करता था। वह स्टूडेंट्स और उनके पेरेंट्स को बातचीत के लिए विभूतिखंड में स्टडी पाथवे कंसल्टेंसी ऑफिस बुलाता था। वह एडमिशन चाहने वालों से डिमांड ड्राफ्ट, ऑनलाइन पेमेंट या कैश के ज़रिए पैसे ऐंठता था।

आरोपियों के पास से ये चीज़ें बरामद हुई

तीन मोबाइल फ़ोन, छह कंप्यूटर, एक राउटर, एक डोंगल, दो सील, हिंदू इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के नाम की एक चेक बुक, एक पैन कार्ड, एक आधार कार्ड और 4.98 लाख रुपये कैश।

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