Tarun Ayodhya: तारुन ब्लॉक की ग्राम पंचायत तारुन में निर्माणाधीन अंत्येष्टि स्थल की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने गहरी नाराज़गी व्यक्त की है। बाउंड्री वॉल निर्माण में सीमेंटेड या लोहे के पिलर न लगाकर मात्र साधारण पीली ईंटों से दीवार खड़ी किए जाने को ग्रामीणों ने खुले तौर पर “भ्रष्टाचार की बू” बताया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, दीवार की नींव से लेकर ईंटों की क्वालिटी तक—हर स्तर पर मानकों की अनदेखी साफ दिखाई दे रही है। मौके पर निर्माण सामग्री बिखरी मिली, जिससे कार्य में लापरवाही और गड़बड़ी के संकेत और मजबूत हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी धन से हो रहा ये निर्माण अगर ऐसी ही कमजोर मिक्सिंग और घटिया सामग्री से होगा, तो यह कुछ ही वर्षों में ढह सकता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरकारी योजनाओं की आड़ में भ्रष्टाचारियों की जेबें भरने की कोशिश हो रही है, जबकि जनता की सुरक्षा और सुविधा से खिलवाड़ किया जा रहा है। चुनावी माहौल में इस तरह की लापरवाहियाँ और भी संदेह पैदा करती हैं, जिस पर ग्रामीणों ने कड़ा आक्रोश जताया है।
खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) आनंद कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि “निर्माण कार्य में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है। अनियमितता मिली तो जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सरकार दोनों से गुहार लगाई है कि—इस निर्माण कार्य की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए और यदि भ्रष्टाचार या मानक-विपरीत कार्य सामने आए, तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
जनता का कहना है कि सरकार विकास के कितने भी दावे करे, जब जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य ऐसे ढीले-ढाले और संदिग्ध तौर-तरीकों से हो रहे हों, तो ये चुनावी वादों और वास्तविक कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करते हैं।
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