Ram mandir:1 हजार साल तक यह मंदिर ऐसे ही रहेगा- चंपत राय
चाहे भूकंप आए, चाहे सरयू नदी बढ़ जाएं, चाहे जमीन में नमी आ जाए- चंपत राय
ये मंदिर ऐसे ही खड़ा रहेगा- चंपत राय
राम सूर्यवंशी हैं, दोपहर 12 बजे जन्म हुआ है- चंपत राय
प्रत्येक वर्ष चैत्र शुक्लपक्ष में रामनवमी के दिन सूर्य की किरण रामलला का तिलक करेंगे- चंपत राय
27 मार्च को दोपहर 12 बजे अपने घर में टेलीविजन पर, मोबाइल पर सूर्य तिलक का दर्शन कर सकते हैं- चंपत राय
संपूर्ण भारत का दर्शन यहां होना चाहिए- चंपत राय
दक्षिण भारत में मंदिर के चारों ओर परकोटा बनाया जाता है- चंपत राय
उसी तरह यहां परकोटा बनाया गया है- चंपत राय
परकोटा के चार कोनों पर एक कोने पर सूर्य, माता भगवती, शंकर जी और चौथे कोने पर गणेश जी का मंदिर बना- चंपत राय
आयाताकार में दो भुजाएं लंबी थी- चंपत राय
एक पर अन्नपूर्णा माता का मंदिर और दूसरे पर गणेश जी का मंदिर बनाया गया है- चंपत राय
आज अन्नपूर्णा माता मंदिर पर राजनाथ सिंह ने ध्वजारोहण किया- चंपत राय
परिसर में एक मंदिर लक्ष्मण जी के नाम पर बनाया गया है, जिसका नाम शेषावतार रखा गया है- चंपत राय
एक निषादराज, एक सबरी, एक माता अहिल्या, एक मंदिर जटायू और एक मंदिर गिलहरी के नाम पर मंदिर बनाया गया है- चंपत राय।
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