Railway news:आज ट्रेन में जो खाना मिलता उसमें न स्वाद होता है, न गुणवत्ता।
यात्रियों से पूरा पैसा लिया जाता है, लेकिन बदले में मिलती है लापरवाही।
हजारों लोग रोज़ लंबी दूरी की यात्रा करते हैं बुज़ुर्ग, बच्चे और महिलाएं
क्या उनकी सेहत की कोई जिम्मेदारी नहीं?
क्या सिर्फ टिकट बेच देना ही सेवा है?
रेलवे प्रशासन को चाहिए कि खाने की गुणवत्ता की नियमित जांच हो, जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो और यात्रियों को साफ, ताज़ा और सुरक्षित भोजन मिले।
यात्री सुविधा कोई एहसान नहीं, यह उनका अधिकार है।
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