Thursday, February 26, 2026

National Deworming Day: जनपद में 10 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का होगा आयोजन

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National Deworming Day: 13 को होगा मॉप अप राउंड अभियान को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
लखनऊ, 28 जनवरी 2026

जनपद में माल ब्लॉक को छोड़कर सभी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में 10 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर एक से 19 वर्ष तक की आयु के बच्चों को पेट के कीड़ों से बचाव के लिए एल्बेंडाजोल दवा खिलाई जाएगी। माल ब्लॉक में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सर्वजन दवा सेवन (आईडीए) अभियान चलेगा ।

कार्यालय में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया


अभियान की तैयारियों के क्रम में बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.बी. सिंह ने बताया कि 10 फरवरी को जनपद के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को एल्बेंडाजोल की खुराक दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को स्वस्थ एवं सुपोषित बनाना है, क्योंकि कृमि संक्रमण बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।

आईसीडीएस विभाग के सहयोग से संचालित किया


उन्होंने बताया कि यह अभियान शिक्षा एवं आईसीडीएस विभाग के सहयोग से संचालित किया जाएगा। स्कूल जाने वाले बच्चों को विद्यालयों के माध्यम से तथा स्कूल न जाने वाले बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से दवा खिलाई जाएगी। जो बच्चे 10 फरवरी को दवा सेवन से वंचित रह जाएंगे, उन्हें 13 फरवरी को आयोजित मॉप-अप राउंड में दवा दी जाएगी।


नोडल अधिकारी डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने दवा सेवन संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया कि एक से दो वर्ष के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी गोली पीसकर खिलाई जाएगी, जबकि दो से तीन वर्ष के बच्चों को एक गोली चूरा बनाकर दी जाएगी। तीन वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को एक पूरी गोली अपने सामने चबाकर खिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि दवा का प्रभाव तभी होता है जब उसे चबाकर खाया जाए।


उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी बच्चे को खाली पेट दवा नहीं दी जानी चाहिए। यदि कोई बच्चा बीमार हो तो उसे दवा न खिलाई जाए। दवा सेवन के पश्चात यदि जी मिचलाना, चक्कर आना जैसे प्रतिकूल प्रभाव दिखाई दें तो बच्चे को खुली एवं हवादार जगह पर लिटाकर साफ पानी पिलाया जाए, जिससे थोड़ी देर में स्थिति सामान्य हो जाती है। आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सीय सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 108 पर संपर्क किया जा सकता है।


इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी योगेश रघुवंशी, जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक विष्णु प्रताप, डीईआईसी मैनेजर डॉ. गौरव सक्सेना, यूनिसेफ और एविडेंस एक्शन , शिक्षा विभाग आईसीडीएस विभाग, आईसीएसई और सीबीएसई बोर्ड के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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