multilevel parking:
- बसंतकुंज योजना के सेक्टर-जे में 21,216 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बनेगी पार्किंग
- 05 मंजिला पार्किंग में एक साथ खड़ी हो सकेंगी 370 बसें व 400 चार पहिया वाहन
- लगभग 150 करोड़ रूपये की लागत से होगा निर्माण, ऊपर गेस्ट हाउस का होगा प्रावधान
बसन्तकुंज योजना में राष्ट्र प्रेरणा स्थल के पास शहर की सबसे बड़ी मल्टीलेवल पार्किंग बनेगी। जिसमें एक साथ 370 बसें व 400 से अधिक चार पहिया वाहन खड़े किये जा सकेंगे। पार्किंग के ऊपरी हिस्से में गेस्ट हाउस बनेगा, जिसमें कमरों के साथ ही वीआईपी लाउंज व मीटिंग हाॅल का भी प्रावधान होगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा मल्टीलेवल पार्किंग का प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है, जिसे जल्द ही शासन को भेजा जाएगा।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा बसन्तकुंज योजना के सेक्टर-जे में लगभग 65 एकड़ क्षेत्रफल में राष्ट्र प्रेरणा स्थल विकसित किया गया है। जिसका लोकार्पण माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा 25 दिसम्बर, 2025 को किया गया। लोकार्पण कार्यक्रम में लगभग 02 लाख लोगों ने प्रतिभाग किया था। कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से आयी 2500 से अधिक बसों के लिए प्रेरणा स्थल के आसपास खाली भूखण्डों पर अस्थायी पार्किंग विकसित की गयी थीं। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी राष्ट्र प्रेरणा स्थल में इस तरह के भव्य कार्यक्रम आयोजित होंगे। जिसके लिए स्थल के पास मल्टीलेवल पार्किंग बनाने का प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है।
05 मंजिला होगी पार्किंग
उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि पार्किंग के निर्माण के लिए राष्ट्र प्रेरणा स्थल से सटी हुयी 21,216 वर्गमीटर भूमि चिन्हित की गयी है, जोकि एक तरफ 45 मीटर और दूसरी तरफ 24 मीटर रोड पर है। यहां 02 भूमिगत पार्किंग के साथ ग्राउंड फ्लोर, फर्स्ट फ्लोर व सेकेंड फ्लोर पर पार्किंग स्पेस बनाया जाएगा। कुल 05 मंजिला पार्किंग में एक साथ 370 बसें व 400 से अधिक चार पहिया वाहन खड़े किये जा सकेंगे।
भव्य इंट्रेस-एक्जिट प्लाजा बनेगा
उपाध्यक्ष ने बताया कि पार्किंग में बसों का आवागमन सुगमता से हो, इसके लिए भव्य इंट्रेस व एक्जिट प्लाजा बनाये जाएंगे। पार्किंग के ऊपरी हिस्से में गेस्ट हाउस भी बनाया जाएगा, जिसमें कमरों के साथ वीआईपी लाउंज व मीटिंग हाॅल आदि का भी प्रावधान होगा। उन्होंने बताया कि इस मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण में लगभग 150 करोड़ रूपये की लागत आएगी। इसका प्रस्ताव तैयार होते ही शासन को भेजा जाएगा और स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
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