Friday, May 1, 2026

MISSILE: स्वदेशी मिसाइलों से है, भारत की आत्मनिर्भताः

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MISSILE: October 2025:भारत देश रक्षा क्षमताओं के मामले में कुछ ही समय में असीम प्रगति के पथ पर अग्रसर हुआ है। इसमें स्वदेशी मिसाइलों ने भारत की आत्मनिर्भता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। भारत के पास बैलिस्टिक, क्रूज, हवा से हवा और सतह से हवा में वार करने वाली लगभग 20 से अधिक की संख्या में सक्रिय मिसाइलें युद्ध की स्थिति में दुश्मनों के छक्के छुड़ाने में विशेष भूमिका निभा रही है।

फायर फॉरगेट टैंक भेदी गाइडेड मिसाइल है, नागः

प्रमुख रुप से युद्ध की स्थिति में अहम् भूमिका में अग्रणी मिसाइलें पृथ्वी I, पृथ्वी II,  पृथ्वी III, अग्नि बैलिस्टिक मिसाइल I,II,III और V, ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल, और फायर फॉरगेट टैंक भेदी गाइडेड मिसाइल नाग है।

इसके साथ ही सतह से हवा में वार करने वाली मीडियम रेंज की मिसाइल आकाश, नौसैनिक मिसाइल धनुष, हाइपरसोनिक शौर्य का प्रतीक मिसाइल शौर्य और दुश्मनों के दुस्साहासिक प्रयासों को कट्टारता से जवाब देने की क्षमता रखने वाली प्रलय प्रथम बैलिस्टिक मिसाइल है। जबकि आकाश में दुश्मनों के नापाक इरादों की हवाइयां उड़ा देने वाली हवा से हवा में वार करती मिसाइल अस्त्र और सतह से हवा में प्रहार करने वाली त्रिशुल, 700 रेंज की पनडुब्बी से दागी जाने वाली मिसाइल सागरिका जैसी अपनी शक्ति का प्रदर्शन करती मिसाइलें शामिल है।

5000 से अधिक लम्बी दूरी की मिसाइल अग्नि V:

अग्नि V की बात की जाय तो यह मिसाइल 5000 किमी से अधिक की मारक क्षमता रखने वाली लम्बी दूरी तय करने वाली मिसाइल है। जबकि मिसाइलों में बहुमुखी प्रतिभा की धनी जल, थल और वायु में अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर दुश्मनों को उलटी गिनती गिनाकर घुटनों पर लाने वाली मिसाइल ब्रह्मोस है। यह सुपरसोनिक क्रुज मिसाइल 8000 से 10000  किमी प्रतिघंटा स्पीड से प्रहार करती सबसे ताकतवर मिसाइल है। इसकी तेज गति और उन्नत तकनीक रडार से बचने में भी सक्षम होने के साथ इसको रोकना और ट्रैक करना दुश्मनों के लिये बेहद मुश्किल है।  

लखन में ब्रह्मोस मिसाइल उत्पादन का कार्य प्रगति परः

75 जिलों के शहर उत्तर प्रदेश में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरीडोर के तहत लखनऊ रोड पर स्थित भांटगांव में  मई 2025 में शुरु की गई दुनियाँ की सबसे ताकतवर ब्रह्मोस मिसाइल का उत्पादन कार्य तेज गति से प्रगति कर रहा है। इसकी पहली खेप धनतेरस के दिन रवाना की गई थी जो कि आत्मनिर्भर भारत की पहचान के साथ जल, थल और वायु सेना के लिये बहुत बड़ा वरदान है।

बनकर तैयार सेना का शेर AK-203:

उ0प्र0 में अमेठी के कोरवा इडोरशियन राइफल्स प्राईवेट लिमिटेड के द्वारा बनाई जा रही सेना के शेर के नाम से पहचानी जाने वाली स्वदेशी राइफल AK-203 दिसम्बर 2025 तक बन कर तैयार हो जायेगी। 2026 तक यह कम्पनी एक लाख की संख्या में राइफल उत्पादन करके देगी। इसके अतिरिक्त आने वाले पाँच वर्षो में यानि 2030 तक इस कम्पनी ने 6 लाख राइफल उत्पादन करने का निर्णय लिया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी के एक वक्तव्य के अनुसार मेक इन इंडिया के तहत हरदोई के संडीला में बनाई जा रही वेब्ले स्काट रिवाल्वर का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।

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Preeti Rathore
Preeti Rathore
मैंने सी.एस.जे.एम. वि.वि. से MJMC, LLb, B.Ed, M.Sc (Zoology), M.A (Hindi, Economics, Political Science), "O" Level, CCC Computer Course एंव राजर्षि टण्डन वि.वि.से PGDMM की डिग्री प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त हिन्दुस्तान प्रेस, K.TV, में ट्रेनी पत्रकार एंव डिग्री कॉलेज और एनजीओ मे पत्रकारिता शिक्षक के रुप में कार्य किया है।

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