Magh Mela 2026: नोटिस में सर्वोच्च न्यायालय का हवाला देते हुए लिखा है कि वे ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य नहीं हैं।
फिर शंकराचार्य शब्द का प्रयोग कैसे कर रहे हैं?
उनसे 24 घंटे में जवाब माँगा गया है।
प्रशासन को कल रात अचानक ये दिव्य ज्ञान हुआ कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य की उपाधि प्राप्त नहीं है।
और स्नान विवाद के तुरंत बाद प्राप्त हुए इस दिव्य ज्ञान से आह्लादित, ख़ुशी से झूमते हुए,
प्रशासन के कारिंदे नोटिस चस्पा करने शंकराचार्य के आश्रम पहुंच गए।
मालूम पड़ा है कि उन्हें फ़ोर्स के साथ नोटिस चस्पा करने भेजा गया था।
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