Monday, April 13, 2026

Kanpur City: धुआँ-धुआँ रावण, और रावण का अहंकारः

Share

Kanpur City: October 2025: दिनांक 2 अक्टूबर दिन गुरुवार को शहर कानपुर में दशहरे के अवसर पर जगह-जगह रावण के पुतलो का दहन किया गया। हर तरफ पटाखों की गुंज और रंग- बिरंगी रौशनी से शहर का कोना-कोना जगमगा उठा। लाखों की संख्या में लोगों की भीड़ रावण के धुआँ होते अहंकार का नजारा देखने के लिये सड़कों पर उतर आयी। शहर के विभिन्न स्थानों पर नवरात्री के दिन से शुरु हुई रामलीला सीता स्वयंवर और रावण के वध के साथ ऐतिहासिक समापन हुआ।

जे.के. मंदिर में सीता स्वयंवर देखने के लिये उत्साहित दिखे, भक्तगणः

दशहरे के अवसर पर कानपुर के जे.के. मदिंर में सायंकाल से ही भक्तगण नवरात्री से आयोजित रामलीला में सीता स्वयंवर को देखने के लिये उत्साहित दिखे। एक पिता का अपनी पुत्री के लिये सुयोग्य वर चयन करने के लिये लिया गया निर्णय हिंदू संस्कृति का सबसे लुभान्वित कर देने वाले दृश्य की मंदिर प्रागंण में कलाकारों द्वारा भव्य प्रस्तुति की गई।

इस दृश्य जिसमें जानकी के पिता राजा जनक ने यह उद्घोष किया कि जो राजा भगवान शिव का यह धनुष बाण तोड़ेगा सीता का विवाह उसी के साथ सुनिश्चित होगा। जिसके कारण सीता जी से विवाह के लिये इच्छुक सैंकड़ों राजाओं ने इस स्वयंवर में हिस्सा लिया लेकिन जब राजा जनक द्वारा सीता जी के स्वयंवर में रखा गया धनुष बाण किसी राजा से उठाया नहीं गया। तब श्रीराम ने शीघ्रता से धनुष बाण उठाकर तोड़ दिया और सीता से विवाह करने का अधिकार प्राप्त कर लिया। धनुष टूटने से क्रोधित परशुराम ने भगवान राम को युदॄ करने के लिये ललकारा लेकिन राम विनम्रता और क्षत्रिय धर्म का पालन करते हुये शान्त रहे। राजा जनक ने राम के शौर्य और विनम्रता को देखकर अपनी पुत्री सीता का विवाह प्रभु श्रीराम से कर दिया।

70 फिट का रावण दहन देखने के लिये देर रात तक बढ़ती रही, भीड़ः

रामलीला समाप्त होने के उपरान्त जे.के. मंदिर प्रागंण में 70 फिट का रावण दहन देखने के लिये यहाँ देर रात तक लोगों की भीड़ बढ़ती रही। असत्य पर सत्य की विजय रावण दहन का दृश्य और राधा कृष्ण के मंदिर प्रागंण में आतिशबाजी का नजारा देखने के बाद ही यहाँ आये भक्तगणों ने अपने घरों की ओर प्रस्थान किया। कानपुर शहर के परेड रामलीला मैदान में रगंबिरगी रौशनी से सजे रावण का पुतला दहन देखने के लिये सड़कों पर लोगों की खासी भीड़ रही।

ये भी पढ़ेःDussehra:ॠषि विश्रवा और राक्षसी कैकसी का पुत्र था, रावणः

Preeti Rathore
Preeti Rathore
मैंने सी.एस.जे.एम. वि.वि. से MJMC, LLb, B.Ed, M.Sc (Zoology), M.A (Hindi, Economics, Political Science), "O" Level, CCC Computer Course एंव राजर्षि टण्डन वि.वि.से PGDMM की डिग्री प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त हिन्दुस्तान प्रेस, K.TV, में ट्रेनी पत्रकार एंव डिग्री कॉलेज और एनजीओ मे पत्रकारिता शिक्षक के रुप में कार्य किया है।

और खबरें

ताजा खबर