Monday, January 26, 2026

Historical-Religious Tourism Village:आगरा के बटेश्वर में अब नाव की सैर के साथ नाविक सुनाएंगे लोक कथाएं

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Historical-Religious Tourism Village: 32 नाविकों को कुशल व्यवहार, प्राथमिक उपचार और ऑनलाइन पेमेंट का मिला प्रशिक्षण – जयवीर सिंह

लखनऊ: 07 जनवरी, 2026

यमुना तट पर बसे ऐतिहासिक-धार्मिक पर्यटन ग्राम बटेश्वर में ग्रामीण पर्यटन को नई दिशा देने का महत्वाकांक्षी प्रयास किया गया है। स्थानीय नाविकों को केवल नाव संचालन तक सीमित न रखते हुए उन्हें कहानी कहने की कला (स्टोरी टेलिंग) से जोड़ने का प्रयास किया गया, जिससे पर्यटकों को बाह बटेश्वर की संस्कृति, इतिहास और आस्था से परिचित कराया जा सके। मान्यवर कांशीराम पर्यटन प्रबंधन संस्थान (एमकेआईटीएम), लखनऊ के सहयोग से एसडीआरएफ टीम द्वारा आयोजित तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम (5 से 7 जनवरी) तक नाविकों को आपदा प्रबंधन, आपात स्थितियों में प्राथमिक उपचार तथा ऑनलाइन पेमेंट जैसी आधुनिक सुविधाओं संबंधी प्रशिक्षण भी दिया गया।

बटेश्वर की संस्कृति, इतिहास और आस्था का संवाहक

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि बटेश्वर में ग्रामीण पर्यटन को सशक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है। नाविकों को स्टोरी टेलिंग, आपदा प्रबंधन और आधुनिक डिजिटल सुविधाओं से जोड़कर हम उन्हें केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि बटेश्वर की संस्कृति, इतिहास और आस्था का संवाहक बना रहे हैं। इससे पर्यटकों का अनुभव और अधिक परिपक्व होगा, वहीं स्थानीय समुदाय के लिए आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।

नाविक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मान्यवर काशीराम इंस्टीट्यूट, लखनऊ के स्टोरी टेलर गौरव श्रीवास्तव ने प्रशिक्षुओं को बाह बटेश्वर की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन विरासत के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि किस प्रकार स्टोरी टेलिंग के माध्यम से यहां आने वाले पर्यटकों को घाटों, नौका विहार एवं प्रमुख पर्यटन स्थलों की जानकारी प्रभावी ढंग से दी जा सकती है।

यह भी बताया गया कि स्थानीय पर्यटन स्थल से जुड़ी कहानी किस प्रकार पर्यटकों की यात्रा को यादगार बनाने में अहम होती है। प्रशिक्षुओं को सैलानियों के साथ शिष्टाचारपूर्ण संवाद के साथ पेश आने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षक गौरव श्रीवास्तव ने बताया, कि वर्ष 2024 से उत्तर प्रदेश पर्यटन द्वारा लगातार नाविकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, अब तक 2500 से ज्यादा लोगों को उनके द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।

पेमेंट जैसी आधुनिक सुविधाओं का प्रशिक्षण

एसडीआरएफ की टीम ने आपात स्थितियों से निपटने के व्यावहारिक तरीके सिखाए। वहीं चिकित्सकों ने संकट के समय सीपीआर एवं त्वरित प्राथमिक उपचार की जानकारी दी। इसके साथ ही ऑनलाइन पेमेंट जैसी आधुनिक सुविधाओं का प्रशिक्षण देकर नाविकों को पर्यटन की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी नाविकों को पहचान और एकरूपता देने के उद्देश्य से टीशर्ट व सदरी का वितरण किया गया। बटेश्वर के अटल संकुल केंद्र में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 32 नाविकों को प्रशिक्षित किया गया।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन को हम केवल पर्यटन स्थलों तक सीमित न रखते हुए स्थानीय समुदायों को भी सहभागी बना रहे हैं। नाविकों के निरंतर प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें कौशल, आत्मविश्वास और पहचान मिल रही है। हमारा लक्ष्य समावेशी पर्यटन को बढ़ावा देते हुए जन सहभागिता और सामुदायिक भागीदारी को पर्यटन विकास की मजबूत आधारशिला बनाना है, ताकि पर्यटन का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

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