Monday, January 26, 2026

Dhanteras 2025 special: पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और खरीदारी के शुभ संकेत एक जगह

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Dhanteras 2025 special: दिपों की जगमगाहट और खुशियों की रौनक के साथ धनतेरस का शुभ पर्व आ गया है। यह दिन धन, स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। लोग इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। तो आइए जानते है धनतेरस की तिथि, मुहूर्त और पूजा की विधि

2025 की धनतेरस कब मनाई जाएगी

दिवाली साल का सबसे बड़ा त्यौहार मन जाता है, जिसकी शुरूआत धनतेरस से होती है और अंत भाईदूज से होता है। दिवाली के दो दिन पहले कार्तिक मास , कृष्ण पक्ष की त्रियोदशी के दिन धनतेरस मनाई जाती है। 2025 की धनतेरस 18 अक्टूबर , शनिवार के दिन मनाई जाएगी। धनतेरस की पूजा का शुभ मूर्त शाम के 7:16 से 8 :20 बताया जा रहा है।

धनतेरस की पूजा की विधि

किसी भी पूजा को आरंभ करने से पहले पूजा के लिए सही और साफ स्थान चुना जाता है। उसके बाद एक चौकी को उत्तर पूर्व दिशा में रख कर,उसके ऊपर लाल या पिला कपड़ा बिछाए। अब एक तांबे के कलश में शुद्ध जल भरकर , उस पर आम के पत्ते और नारियल रख दें। अब भगवान धन्वंतरि, कुबेर , लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्ति स्थापित करे। हर शुभ कार्य करने से पहले गणेश जी को पूजा जाता है क्योंकि वह विघ्नहर्ता है। उस के बाद बाकी देवी देवताओं को पूजा करते है। गणेश जी की पूजा के बाद माता लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि और कुबेर को कुमकुम, हल्दी, चंदन, अक्षत, फूल,धूप और मिठाई से पूजा करे। अंत में जीके बड़ा दिया और 13 छोटे दिए में घी डाले जलाए और मिठाई , बताशे, खीर का भोग लगा कर आरती करके पूजा को समाप्त कर दे।

कौनसी चीजें ले और कौनसी नहीं?

लोगों का मानना है कि धनतेरस के दिन सोने चांदी के सिक्के , झाड़ू, इलेक्ट्रॉनिक वाहन या बर्तन खरीदने से घर में धन और समृद्धि बनी रहती है। ध्यान रखे कि धनतेरस के दिन आप लोहा, एल्यूमिनियम, कांच, नुकीली और काली वस्तुएं ना खरीदे क्योंकि यह सभी चीजें शास्त्रों के मुताबिक अशुभ मानी जाती है।
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