Wednesday, February 25, 2026

Delhi Red Fort Blast: छह शहर, सात गिरफ्तारियां… देखिए दिल्ली धमाकों में यूपी से कौन-कौन हुआ गिरफ्तार

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Delhi Red Fort Blast: देश की राजधानी दिल्ली में 10 नवंबर की शाम हुए भीषण विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। लाल किले के पास मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 पर एक कार में अमोनियम नाइट्रेट जैसे खतरनाक विस्फोटकों का इस्तेमाल करके यह विस्फोट किया गया था। इस विस्फोट में 13 लोगों की मौत हो गई और 25 से ज्यादा घायल हो गए। जांच एजेंसियों ने लगातार छापेमारी कर कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से ज्यादातर उत्तर प्रदेश के हैं।

दिल्ली विस्फोट मामले में उत्तर प्रदेश कनेक्शन गहरा होता जा रहा है। अब तक सहारनपुर, लखनऊ, कानपुर और हापुड़ से कई डॉक्टरों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें डॉ. आदिल, डॉ. शाहीन, डॉ. परवेज, डॉ. आरिफ और डॉ. फारूक शामिल हैं। गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने भी उत्तर प्रदेश के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। एजेंसियां इसे जुडे़ नेटवर्क की जांच कर रही हैं।

सहारनपुर से डॉ. आदिल गिरफ्तार

दिल्ली विस्फोट मामले में पहली बड़ी कार्रवाई उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में हुई, जहां डॉ. आदिल अहमद को गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि डॉ. आदिल ने पहले भी कश्मीर में विवादास्पद पोस्टर लगाए थे और इसी मामले में कश्मीर पुलिस पहले से ही उन पर नजर रख रही थी। उत्तर प्रदेश पुलिस की मदद से की गई इस कार्रवाई से पता चला कि आदिल सहारनपुर के एक निजी अस्पताल में उच्च पद पर कार्यरत था।

एटीएस ने उत्तर प्रदेश के दो आतंकवादियों को गिरफ्तार किया

दूसरी बड़ी गिरफ्तारी गुजरात के बनासकांठा ज़िले में हुई। गुजरात एटीएस ने तीन आतंकवादियों को गिरफ्तार किया, जिनमें से दो उत्तर प्रदेश के निवासी हैं: आजाद सुलेमान शेख और मोहम्मद सुहैल। जांच में पता चला कि दोनों लखनऊ के रहने वाले थे और डॉ. अहमद मोहिउद्दीन सैयद के लिए काम करते थे। उन पर आरएसएस कार्यालय की टोह लेने का आरोप है।

लखनऊ की डॉ. शाहीन से एक अहम संबंध पाया

मिली जानकारी के अनुसार, तीसरी गिरफ्तारी लखनऊ निवासी डॉ. शाहीन की हुई, जिसके बारे में कहा जाता है कि वह जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़ी है। उसकी कार से विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। डॉ. शाहीन कुछ समय से फरीदाबाद में रह रही थी। पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हुए, जिससे जांच का ध्यान पूरी तरह से उत्तर प्रदेश की ओर मुड़ गया।

कानपुर और हापुड़ में भी गिरफ़्तारियां

एमडी कार्डियोलॉजी के छात्र डॉ. मोहम्मद आरिफ मीर को कानपुर में गिरफ़्तार किया गया। बताया जाता है कि वह विस्फोट के मुख्य अभियुक्त उमर का सहपाठी था और डॉ. शाहीन से उसके संबंध थे। जीएस मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर डॉ. फ़ारूक को हापुड़ में गिरफ़्तार किया गया। दिल्ली पुलिस ने उन्हें इस संदेह में हिरासत में लिया है कि साजिश में उनकी भी भूमिका हो सकती है।

जांच जारी है और कई नाम अभी भी रडार पर हैं।

दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां उत्तर प्रदेश कनेक्शन की लगातार जांच कर रही हैं। अब तक हुई गिरफ्तारियों से साफ संकेत मिलता है कि विस्फोट में डॉक्टरों का एक संगठित नेटवर्क शामिल था। एजेंसियां अब उन लोगों की तलाश कर रही हैं जो अभी भी फरार हैं। दिल्ली विस्फोट मामले का हर तार धीरे-धीरे उत्तर प्रदेश से जुड़ रहा है।

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