Monday, January 26, 2026

CM YOGI: प्रभु श्री राम की विरासत एंव श्री कृष्ण की परम्परा पर है, गर्व

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CM YOGI: September 2025: जब वाल्मीकि जी ने नारद जी से किसी आदर्श के लिये लिखने की अपनी इच्छा को प्रकट किया तब  नारद जी ने उनसे कहा कि प्रभु श्रीराम के चरित्र से बढ़ कर लिखने के लिये कोई चरित्र नहीं “राम ही धर्म है, धर्म ही राम” संपूर्ण देश प्रभु श्रीराम की विरासत और लीलाधारी श्री कृष्ण की परम्परा पर गौरव की अनुभूति करता है। यह बात उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ ने बस्ती में सरस्वती विद्या मंदिर विरिष्ठ माध्यमिक महाविद्यालय के भूमि पूजन एंव उद्घाटन अवसर पर कही। और बताया कि भारत को विकसित देश की ओर अग्रसर करने के लिये देश की विरासत का सम्मान करना होगा पूर्वज हमारे गौरव है।

प्रधानमंत्री मोदी जी ने अपने संकल्प को किया साबितः

माननीय योगी आदित्य नाथ ने भाषण दौरान कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने विकसित भारत के अपने संकल्प को दृढ़ संकल्प के साथ साबित कर रहे है। कहा कि भारतीय जनसंघ एंव लोकसभा के सदस्य रहे डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू कश्मीर में जबरन धारा 370 लागू होने के बाद कहा था कि एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं चल सकते है। जिसको समाप्त करने के लिये उन्होंने अपने जीवन का बलिदान दे दिया।

माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी ने 5 अगस्त 2019  में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मु कश्मीर की स्वयत्तता को रद्द कर भारतीय आदर्श को स्थापित किया है। इसके अलावा अयोध्या में पिछले पाँच सौ वर्षो से राम मंदिर के निर्माण में आ रही बाधाओं को समाप्त कर प्रभु श्रीराम के मंदिर का निर्माण करवा कर यह सिदॄ कर दिया कि विकसित भारत के लिये विरासत और पूर्वजों का सम्मान विशेष महत्व रखता है।

शिक्षा है, देश की शक्तिः  

इस विशेष अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री ने शिक्षा के महत्व को प्रकट करते हुये कहा कि जब 1947 में भारत देश आजाद हुआ था। भारत में शिक्षा को आगे बढ़ाने का कार्य नानाजी द्वारा  किया गया भारत की संस्कृति भारत को विश्व गुरु के रुप में स्थापित करने का कार्य शिक्षण संस्थानों द्वारा किया जाना चाहिये। जब गोरखपुर में पहला सरस्वती शिशु मंदिर स्थापित किया गया तब उसमें शुरुआत में केवल पाँच बच्चे पढ़ने आते थे आज संपूर्ण देश में इनके स्वयं के संस्थान के अलावा बारह हजार से अधिक सरस्वती शिशु मंदिर स्थापित हो चुके है। शिक्षा वह साधन है जो आगे बढ़ने के मार्ग को प्रशस्त करके मुक्ति प्रदान करती है। शिक्षण केवल अक्षर ज्ञान नही यह सर्वागीण विकास की आधारशिला है। शिक्षा हमारे विकसित भारत देश की शक्ति है।  

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Preeti Rathore
Preeti Rathore
मैंने सी.एस.जे.एम. वि.वि. से MJMC, LLb, B.Ed, M.Sc (Zoology), M.A (Hindi, Economics, Political Science), "O" Level, CCC Computer Course एंव राजर्षि टण्डन वि.वि.से PGDMM की डिग्री प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त हिन्दुस्तान प्रेस, K.TV, में ट्रेनी पत्रकार एंव डिग्री कॉलेज और एनजीओ मे पत्रकारिता शिक्षक के रुप में कार्य किया है।

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