इसके बाद यात्री मिना नामक टेंट की ओर रवाना होते है और वहां एक रात इबादत में बितातें है उसके बाद दूसरे दिन अराफात के मैदान में सूर्यआस्त तक इबादत करते हैं।
इसके बाद यात्री मिना नामक टेंट की ओर रवाना होते है और वहां एक रात इबादत में बितातें है उसके बाद दूसरे दिन अराफात के मैदान में सूर्यआस्त तक इबादत करते हैं।