अष्टमी-नवमी पर इस Trick से बनाएं फूली-फूली पूड़ी, हलवा और चटपटे काले चने का प्रसाद
अष्टमी-नवमी पर इस Trick से बनाएं फूली-फूली पूड़ी, हलवा और चटपटे काले चने का प्रसाद
नवरात्रि की अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन के बाद हलवा, पूड़ी और काले चने का प्रसाद बनाना अनिवार्य माना जाता है।
नवरात्रि की अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन के बाद हलवा, पूड़ी और काले चने का प्रसाद बनाना अनिवार्य माना जाता है।
लेकिन कई बार पूड़ी फूलती नहीं है और हलवा चिपक जाता है। आज हम आपको हलवाई जैसी 3 चीजें बनाने की सीक्रेट Trick बताएंगे,
लेकिन कई बार पूड़ी फूलती नहीं है और हलवा चिपक जाता है। आज हम आपको हलवाई जैसी 3 चीजें बनाने की सीक्रेट Trick बताएंगे,
जिससे आपका प्रसाद देखकर कन्याएं भी खुश हो जाएंगी।
जिससे आपका प्रसाद देखकर कन्याएं भी खुश हो जाएंगी।
गेहूं का आटा, सूजी, तेल, पानी, भीगे हुए काले चने, जीरा, हरी मिर्च, धनिया पाउडर, अमचूर, नमक, चीनी, घी, काजू-किशमिश।
गेहूं का आटा, सूजी, तेल, पानी, भीगे हुए काले चने, जीरा, हरी मिर्च, धनिया पाउडर, अमचूर, नमक, चीनी, घी, काजू-किशमिश।
आटे में सूजी और तेल डालकर अच्छी तरह मिलाएं, ये है फूलने की पहली Trick। अब गुनगुने पानी से थोड़ा सख्त आटा गूंथ लें और 15 मिनट ढक कर रखें।
आटे में सूजी और तेल डालकर अच्छी तरह मिलाएं, ये है फूलने की पहली Trick। अब गुनगुने पानी से थोड़ा सख्त आटा गूंथ लें और 15 मिनट ढक कर रखें।
छोटी-छोटी लोइयां बनाकर हल्के हाथ से बेलें, ज्यादा पतला न करें। तेल तेज गरम होने पर पूड़ी डालें और कलछी से हल्का दबाएं, पूड़ी गुब्बारे जैसी फूलेगी।
छोटी-छोटी लोइयां बनाकर हल्के हाथ से बेलें, ज्यादा पतला न करें। तेल तेज गरम होने पर पूड़ी डालें और कलछी से हल्का दबाएं, पूड़ी गुब्बारे जैसी फूलेगी।
सूजी को धीमी आंच पर घी में तब तक भूनें जब तक खुशबू न आने लगे और रंग हल्का सुनहरा न हो जाए। इससे हलवा चिपकेगा नहीं।
सूजी को धीमी आंच पर घी में तब तक भूनें जब तक खुशबू न आने लगे और रंग हल्का सुनहरा न हो जाए। इससे हलवा चिपकेगा नहीं।
कड़ाही में घी गरम करके सूजी को 7-8 मिनट भूनें।दूसरी तरफ पानी और चीनी को उबाल लें (चाशनी नहीं बनानी)।
कड़ाही में घी गरम करके सूजी को 7-8 मिनट भूनें।दूसरी तरफ पानी और चीनी को उबाल लें (चाशनी नहीं बनानी)।
भुनी सूजी में धीरे-धीरे पानी डालें और लगातार चलाएं।ऊपर से घी और मेवे डालकर 2 मिनट ढक दें। दानेदार हलवा तैयार।
भुनी सूजी में धीरे-धीरे पानी डालें और लगातार चलाएं।ऊपर से घी और मेवे डालकर 2 मिनट ढक दें। दानेदार हलवा तैयार।
चनों को 3-4 सीटी में उबाल लें, पानी फेंके नहीं। कड़ाही में तेल, जीरा, हरी मिर्च डालें, फिर उबले चने डालें।
चनों को 3-4 सीटी में उबाल लें, पानी फेंके नहीं। कड़ाही में तेल, जीरा, हरी मिर्च डालें, फिर उबले चने डालें।
नमक, धनिया पाउडर, थोड़ा अमचूर डालकर 5 मिनट भूनें। बचा हुआ पानी डालकर सूखने तक पकाएं।
नमक, धनिया पाउडर, थोड़ा अमचूर डालकर 5 मिनट भूनें। बचा हुआ पानी डालकर सूखने तक पकाएं।
तीनों चीजें तैयार होने पर पहले मां दुर्गा को भोग लगाएं, फिर 9 कन्याओं को भोजन कराएं।
तीनों चीजें तैयार होने पर पहले मां दुर्गा को भोग लगाएं, फिर 9 कन्याओं को भोजन कराएं।
मान्यता है कि अष्टमी-नवमी पर इस प्रसाद को खाने से माँ महागौरी और सिद्धिदात्री सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं।
मान्यता है कि अष्टमी-नवमी पर इस प्रसाद को खाने से माँ महागौरी और सिद्धिदात्री सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं।