Monday, April 27, 2026

Lucknow news: पनकी और जवाहरपुर बिजली घरों के निजीकरण की तैयारी, बिजली कर्मियों ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

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Lucknow news: लखनऊ में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने पनकी (660 मेगावाट) एवं जवाहरपुर (2×660 मेगावाट) ताप विद्युत गृहों के परिचालन एवं अनुरक्षण (O&M) कार्य को यूनिफाइड टेंडर के माध्यम से निजी कंपनियों को सौंपे जाने के प्रस्ताव पर गहरी चिंता एवं कड़ा विरोध व्यक्त किया है। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि पनकी और जवाहरपुर ताप बिजली घरों के परिचालन एवं अनुरक्षण कार्य को आउटसोर्स करने का कोई एकतरफा टेंडर किया गया तो बिजली कर्मी उसी समय कार्य स्थल से बाहर आकर व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे और प्रदेशव्यापी आंदोलन तेज किया जाएगा।

परियोजना पर लगभग 14,000 करोड़ रुपये

संघर्ष समिति की कोर कमेटी की 26 अप्रैल 2026 को आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इस जनविरोधी एवं कर्मचारी-विरोधी निर्णय का पुरजोर विरोध किया जाएगा।

संघर्ष समिति ने कहा कि पनकी एवं जवाहरपुर की सुपर क्रिटिकल तकनीक पर आधारित अत्याधुनिक इकाइयाँ प्रदेश की महत्वपूर्ण विद्युत परियोजनाएँ हैं, जिनके निर्माण में जनता की गाढ़ी कमाई के हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। जवाहरपुर परियोजना पर लगभग 14,000 करोड़ रुपये तथा पनकी ताप विद्युत गृह पर लगभग 8,000 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। ऐसे में इन परियोजनाओं के परिचालन एवं अनुरक्षण का कार्य निजी कंपनियों को सौंपना न केवल अनुचित है, बल्कि जनहित के भी प्रतिकूल है।

निजीकरण से बिजली उत्पादन की लागत बढ़ने की आशंका

संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि इस प्रकार के निर्णय से सार्वजनिक क्षेत्र कमजोर होगा तथा निजी कंपनियों को अनुचित लाभ मिलेगा। निजीकरण से बिजली उत्पादन की लागत बढ़ने की आशंका है, जिसका सीधा बोझ प्रदेश के आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

पनकी और जवाहरपुर ताप विद्युत गृहों के परिचालन

संघर्ष समिति ने प्रबंधन से मांग की है कि पनकी और जवाहरपुर ताप विद्युत गृहों के परिचालन एवं अनुरक्षण कार्य को आउटसोर्स करने की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोका जाए तथा इस संबंध में लिया गया निर्णय निरस्त किया जाए।

वहीं संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि इस निर्णय को वापस नहीं लिया गया, तो प्रदेश के सभी बिजली कर्मचारी, संविदा कर्मी, जूनियर इंजीनियर एवं अभियंता कार्य स्थल से बाहर आकर व्यापक विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।

बिजली कर्मी पूरे दिन काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करेंगे

प्रबंधन एवं सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए आगामी 13 मई 2026 को प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों के बिजली कर्मी पूरे दिन काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करेंगे। इसके उपरांत भी यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो संघर्ष समिति द्वारा प्रदेशव्यापी व्यापक आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा।

संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया है कि वह प्रदेश की बिजली व्यवस्था, कर्मचारियों के हित एवं आम जनता के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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