Sunday, March 22, 2026

fish production: मत्स्य बीज व मत्स्य आहार में आत्मनिर्भरता भी होगी

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fish production: 2028 तक मत्स्य उत्पादन में बड़ी छलांग लगाएगा यूपी

प्रसंस्करण व मूल्यसंवर्धन के लिए 30 कंपनियां करेंगी 1400 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश

लखनऊ, 21 मार्चः योगी सरकार में उत्तर प्रदेश में वर्ष 2028 तक मत्स्य उत्पादन में बड़ी छलांग लगाएगा। मत्स्य विकास में निवेश परियोजनाओं को गति दिए जाने से राज्य में मत्स्य उत्पादन का आंकड़ा तीन वर्ष के भीतर 13.30 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 18 लाख मीट्रिक टन होने की संभावना है। इतना ही नहीं प्रदेश वर्ष 2028 तक मत्स्य बीज व आहार के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य भी प्राप्त कर लेगा।

जल्द ही 30 कंपनियां करेंगी 1400 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश


30 कंपनियां मत्स्य क्षेत्र में 1407 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही हैं, जिससे प्रदेश के दो हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। ये कंपनियां वाराणसी, बाराबंकी, अमेठी समेत कई जनपदों में जल्द निवेश करेंगी। गत मीन महोत्सव में मत्स्य विभाग को 1200 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, जबकि पिछले दिसंबर में हुए मत्स्य निवेश शिखर सम्मेलन में भी 207 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे।

मीन महोत्सव (27-28 फरवरी) में मिले निवेश प्रस्तावों के मुताबिक औरो सुंदरम फूड्स एंड फीड्स प्राइवेट लिमिटेड 300 करोड़ रुपये वाराणसी में निवेश करेगी। इसी तरह, प्रोबस स्मार्ट थिंक्स प्राइवेट लिमिटेड, गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड तथा नेक्सजेन कंपनियां 200-200 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी। दीपक नेक्सजेन फीड्स प्राइवेट लिमिटेड ने बाराबंकी में 100 करोड़ रुपये निवेश करने की इच्छा जताई है। आंध्र प्रदेश की नेक्सजेन फीड्स प्राइवेट लिमिटेड प्रदेश में फिश प्रोसेसिंग प्लांट लगाएगी। कंपनी ने उत्तर प्रदेश में 200 करोड़ रुपये निवेश करने की इच्छा जताई है। ये सभी कंपनियां 2028 तक चालू होकर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खोलेगी।

मत्स्य योजनाएं किसानों को बना रही आत्मनिर्भर


मत्स्य योजनाओं से उत्पादकों को अधिकाधिक लाभ सुनिश्चित कराने के लिए चंदौली में 62 करोड़ रुपये से अत्याधुनिक फिश मार्केट स्थापित किया गया है। ग्रामसभा के तालाबों में मत्स्य पालन के लिए निवेश अनुदान व मत्स्य बीज बैंक की व्यवस्था की गई। मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत अब तक 1328.335 हेक्टेयर तालाबों में 1580 मत्स्य पालकों को अनुदान दिया गया।

2025-26 में अब तक 148 हेक्टेयर तालाबों में सहायता प्रदान की जा चुकी है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निषादराज बोट सब्सिडी योजना, मत्स्य पालक कल्याण कोष, दुर्घटना-बीमारी से सुरक्षा कवच समेत अनेक योजनाओं के जरिए डबल इंजन सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बना रही है। इसके साथ ही विश्व बैंक के सहयोग से 1 लाख से अधिक मछुआरा परिवारों को भी यूपीएग्रीज परियोजना का लाभ दिया जाएगा।

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