Sahara India Housing Company: लखनऊ में सहारा इंडिया हाउसिंग कंपनी की अपील खारिज हो गई है
नगर निगम ने 30 साल की लीज अवधि पूरा होने और शर्तों के उल्लंघन पर अक्तूबर में सहारा शहर को अपने कब्जे में ले लिया था
परिसर के गेटों को सील कर वहां सुरक्षा कर्मी तैनात कर दिए थे
इस कार्रवाई के कारण सहारा प्रमुख स्वर्गीय सुब्रत रॉय सहारा की पत्नी स्वप्ना रॉय को भी परिसर खाली करना पड़ा था
लीज निरस्त करने की कार्रवाई के विरोध में सहारा कंपनी पहले हाईकोर्ट गई, वहां से राहत नहीं मिली तो सुप्रीम कोर्ट गई
सुप्रीम कोर्ट ने 16 मार्च को अपील खारिज कर दी
नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में नगर निगम की जीत हुई है
सहारा शहर की जमीन पर अब किसी तरह का कोई कानूनी विवाद नहीं रहा है
नगर निगम की ओर से आवासीय योजना विकसित करने के लिए सहारा इंडिया हाउसिंग लिमिटेड कंपनी को 1994 में लाइसेंस पर शर्तों के तहत 170 एकड़ जमीन दी थी
जिसमें 130 एकड़ में आवासीय प्लॉट-मकान बनाकर कॉलोनी विकसित करनी थी और 40 एकड़ में ग्रीन बेल्ट
शर्तों के उल्लंघन पर नगर निगम ने 1997 में लाइसेंस डीड निरस्त करने का नोटिस जारी किया था
इसके बाद से मामला कानूनी विवाद में उलझा था
बीते साल लीज का समय पूरा होने पर नगर निगम ने और समय बढ़ाने की बजाए उस पर कब्जा ले लिया था
अब नगर निगम इस जमीन का इस्तेमाल आवासीय योजना के लिए कर सकेगा।
